जिले के युवाओं एवं कृषकों को स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ने की आवश्यकत– कलेक्टर सिंह |

आगर-मालवा। आज का दौर स्टार्टअप का है।सरकार भी इसे बढ़ावा देकर हरसंभव मदद कर रही हे।, इस क्षेत्र में जिले के युवा एवं कृषकों को आगे बढ़ने की आवश्यकता है। यह बात कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने विकसित कृषि संकल्प अभियान के अन्तर्गत बुधवार को कृषि विज्ञान केन्द्र आगर में आयोजित एग्री स्टार्टअप अवरेनेस कैम्पेन को सम्बोधित करते हुए कही।
कलेक्टर ने उपस्थित कृषक एवं युवाओं से कहा कि स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़े, कृषि उत्पादों क मूल्य संवर्धन कर उसे मार्केट तक पहुंचाकर अच्छी आय अर्जित करें। जिले में खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां स्थापित होगी तो किसानों को अपनी उपज का अच्छा मूल्य मिलेगा, साथ ही युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि खेतों में नरवाई का व्यस्थित प्रबंधन करें, कृषक नरवाई से डिस्पोटल आयटम तैयार कर अच्छी आय अर्जित करें। कलेक्टर ने कृषकों से कहा कि खेती के साथ-साथ मतस्य पालन, झिंगा पालन, पशुपालन, बकरी पालन आदि अपनाकर अच्छी आय अर्जित करें। उन्होंने युवाओं देश के सफल उद्यमियों का उदाहरण देकर अपना स्वयं का स्टार्टअप कर मेहनत एवं लगन के दम एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी साख स्थापित करने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डायरेक्टर, एग्री इंस्टीट्यूट ऑफ एग्री बिजनेस मेनजमेन्ट जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्व विद्यालय, जबलपुर प्रो. मोनी थामस ने अपने पॉवर पाईंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से बताया कि आज युवा देश की प्रगति में इंजन है जिसमें संभावना उर्जा को गति उर्जा में परिवर्तित करने की ताकत विद्यमान है, युवा और प्राकृतिक संसाधन भारत की संपदा हैं लेकिन शिक्षित युवा कुछ हासिल करने की आकांक्षा तो रखते हैं, दुर्भाग्य से केवल कुछ ही लोग कुछ उचित प्रशिक्षण और उन्हें चुनने के लिए तैयार कर पाते हैं। इसी वजह को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 के 6 स्तंभ नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना, वित्तीय और गैर वित्तीय सहायता उत्पाद आधार स्टार्टअप संस्थागत समर्थन विपणन समर्थन इन्फ्रास्ट्रक्चर समर्थन होते है।
आरकेवीवाई से विभिन्न अनुदान सहायता के साथ कृषि स्टार्टअप की तीन श्रेणियों को बढ़ावा देते हैं छात्र कृषि स्टार्टअप रूपये 4.00 लाख विचार से उत्पाद तक 5.00 लाख उत्पाद से व्यावसायीकरण तक 25.00 लाख तक का प्रावधान है। इस योजना में एग्री छात्र, उन्नतशील कृषक एवं युवा उद्यमी अपना पंजीयन दिनांक 15 जून 2025 तक करवा सकते है। पंजीयन के पश्चात टीम आकर इनके कार्य का अवलोकन करेगी इसके बाद इनका चयन किया जायेगा इसके पश्चात कार्य का प्रशिक्षण दिया जाकर उस कार्य की प्रति तीन माह में प्रगति देखेगे। इनके द्वारा 63 एग्री स्टार्टअप कम्पनी तैयार की है जिनका वार्षिक आय-व्यय करोड़ो में है।
उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विजय चौरसिया ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्र एग्री स्टार्टअप, युवा उद्यमी, प्रगतिशील कृषक जो वर्तमान में कृषि से सम्बंधित कार्य कर रहे है उन्हे इस योजना के माध्यम से अपने नये विचार को कृषि उद्योग में परिवर्तित करना है जिससे वह उद्योग को नये रूप में परिवर्तित कर विकसित भारत में अपनी नींव रख सके।
कार्यक्रम में वैज्ञानिक सुरूचि सोनी, कृषि विज्ञान केन्द्र, आगर, समर्थ किसान प्रोड्यूसर कम्पनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रामसिंह ठाकुर, एन.आर.एल.एम. के सक्सेना, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आगर बी.एल. निनामा, जिला सलाहकार भूपेन्द्रसिंह करोरिया, बी.टी.एम. मेहरबानसिंह यादव सहित जिले के समस्त कृषि विस्तार अधिकारी, युवा उद्यमी एवं प्रगतिशील कृषक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन तकनीकी सहायक मुकेश चन्द्रपुरी ने किया।

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