डीईओ की लापरवाही से अटके 4 दर्जन से अधिक शिक्षकों के स्थानांतरण , 

 

 

प्रभारी मंत्री अनुशंसा के बाद भी अंतिम दिनांक का नहीं रखा ध्यान 

 

ट्रांसफर पॉलिसी के अनुसार 17 जून थी अंतिम दिनांक 

 

खास रिपोर्ट-आगर लाइव

 

आगर मालवा । मध्यप्रदेश सरकार की ट्रांसफर पॉलिसी का लंबे समय से इंतजार कर रहे आगर जिले के शिक्षक अब मायूसी के मोड़ पर आकर खड़े है, जिला शिक्षा अधिकारी की लापरवाही से 4 दर्जन से अधिक शिक्षकों का स्थानांतरण अब संशय का मूर्तरूप ले चुका है , मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लंबे अंतराल के बाद ट्रांसफर पॉलिसी को लागू किया गया था , पॉलिसी के अनुसार 17 जून तक ट्रांसफर करने की अंतिम दिनांक थी परन्तु आगर जिला शिक्षा अधिकारी आरसी खंदार की लापरवाही से सूची ऑनलाइन अपडेट नहीं करने की वजह से कई शिक्षकों का स्थानांतरण समय सीमा से वंचित हो चुके है , जानकारी के मुताबिक जिले के शिक्षकों के स्थानांतरण की सूची अंतिम दिनांक के करीब 10 दिन पूर्व प्रभारी मंत्री की अनुशंसा होकर जिला शिक्षा अधिकारी के पास आगई थी लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी के ढीले रवैए की वजह से सभी शिक्षकों के स्थानांतरण तो दूर ऑनलाइन अपडेट तक नहीं हो पाए , ऑनलाइन पोर्टल 14 तारीख तक खुला था लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी की लापरवाही की वजह से 14 जून तक भी कोई शिक्षकों के स्थानांतरण की अपडेट ऑनलाइन नहीं किए गए , फिलहाल अंतिम दिनांक निकलने के बाद से ही शिक्षकों के स्थानांतरण पर संशय बना हुआ है अब शासन इस मामले में क्या फैसला लेता है ये आने वाला समय ही बताएगा ।

 

प्रभारी मंत्री की अनुशंसा पर जिले के जिले में होने थे स्थानांतरण । 

 

मध्यप्रदेश शासन तबादला नीति 2025 के अनुसार जिले के भीतर तबादला करने के लिए प्रभारी मंत्री की अनुशंसा अनिवार्य थी इसके अनुसार आगर जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान द्वारा भी इस नीति को दृष्टिगत रखते हुए अंतिम दिनांक के 15 दिन पूर्व सूची की अनुशंसा कर जिला प्रशासन को भेज दी थी परन्तु जिला शिक्षा अधिकारी की लापरवाही की वजह से यह सूची अंतिम दिनांक तक अपडेट नहीं हो पाई।

 

शासन और विभागीय मंत्री को निलंबन के लिए लिखा है पत्र । नागर सिंह चौहान प्रभारी मंत्री 

 

मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और आगर जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने नईदुनिया से बातचीत में बताया कि आगर जिले में शिक्षकों के स्थानांतरण के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी की घोर लापरवाही सामने आई है , मेरे कार्यालय से अंतिम दिनांक के करीब 15 दिन पूर्व सूची जिला प्रशासन को प्रेषित कर दी गई थी , 14 जून तक ऑनलाइन पोर्टल भी चालू था लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी की लापरवाही से सभी शिक्षकों के नाम ऑनलाइन नहीं हो पाए , इस मामले में मेरे द्वारा शासन ओर विभागीय मंत्री को जिला शिक्षा अधिकारी को निलंबित करने का पत्र लिखा है

 

विभागीय कार्यवाही के लिए लिखा है पत्र । राघवेंद्र सिंह कलेक्टर आगर 

 

मामले में आगर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने भी नईदुनिया से बातचीत करते हुए बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा समय सीमा में नाम को ऑनलाइन नहीं चढ़ाया गया जिसकी वजह से ये समस्या आई है , फिलहाल हमने जिला शिक्षा अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही करने के लिए विभाग को पत्र लिखा है

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Agar Live