20 हजार का इनामी आरोपी अर्धनारीश्वर वेश में पहुंचा न्यायालय, बेटे के अपहरण का मामला था दर्ज , बच्चे के साथ किया आत्मसमर्पण |

आगर मालवा । कोतवाली थाना अंतर्गत हुए तीन माह पूर्व हुए एक अपहरण के मामले में फरार चल रहा आरोपी पिता अर्धनारेश्वर रूप में सोमवार को बच्चे को लेकर आगर न्यायालय पहुंचा और आत्म समर्पण कर दिया, आरोपी शख्स जो वेश धारण कर कोर्ट पहुंचा उसे देखकर वहां मौजूद  अभिभाषक, पक्षकार सहित न्यायालयीन कर्मचारी-अधिकारी हैरान रह गए।

दरअसल वह शख्स आधे पुरुष और आधे नारी के वेश आर्धनरेश्वर  स्वरूप में कोर्ट पहुंचा था। उसने आधे शरीर पर पेंट-शर्ट और आधे शरीर पर साड़ी पहन रखी थी। इसी रूप में उसने अपने वकील के साथ सरेंडर किया। इस शख्स का नाम मनोज बामनिया है, जिस पर ल ढाई साल के अपने ही  बच्चे भव्यांश के अपहरण का आरोप है। मनोज ने करीब 3 महीने पहले बच्चे को उसकी मां के पास से अपहरण किया था और तब से वह फरार चल रहा था ।मामले में आगर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने ने मनोज पर 20 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। सोमवार को वह अपने बेटे भव्यांश को लेकर कोर्ट पहुंचा और अपने वकील के जरिए सरेंडर कर दिया। इसकी सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और न्यायालय से आरोपी का पुलिस रिमांड की मांग की जहां  न्यायालय ने बच्चे की कस्टडी उसकी मां को करने के साथ आरोपी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश किया । घटना 16 मार्च 2025 की है। उस दिन मनोज की पत्नी रीना बामनिया की बहन रोशनी भव्यांश को लेकर मंदिर जा रही थी तभी बोलेरो में आए बदमाशों ने बच्चे को उससे छीन लिया और बड़ौद रोड की तरफ भाग गए। रीना ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। रीना की बहन की शिकायत में रीना के पति मनोज पर शक जताया था। मामले में जांच के दौरान पुलिस ने बोलेरो जब्त करने के साथ मनोज के पिता और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार भी किया था । मनोज की पत्नी रीना के आगर अनुसार वह अपने पति से 2 साल से अलग रह रही है। न्यायालय में दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा के साथ भरण पोषण का प्रकरण भी चल रहा है और न्यायालय से बच्चे को मां की सुपुर्दगी में दिया था, लेकिन पिता उसे अपने पास रखना चाहता है इसलिए वह इससे पहले भी बच्चे का अपहरण कर चुका है तब पुलिस ने उसे पश्चिम बंगाल से हिरासत में लिया था।

इस तरह बच्चे को लेकर न्यायालय पहुंचा अपहरण का आरोपी पिता

एक पिता में भी मन और ममता दोनों होते है न्यायालय में सरेंडर करने पहुंचे मनोज से जब उसकी वेशभूषा के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि लोग मानते हैं बच्चों को सिर्फ मां ही पाल सकती है, लेकिन एक पिता में भी मन और ममता दोनों होते हैं। उसने बताया कि वह अपने बेटे की देखभाल पूरी जिम्मेदारी से करता रहा है, इसलिए यह रूप धारण किया है। आरोपी मनोज फैशन डिजाइनर का काम करता है। बच्चे के अपहरण के बाद वह उसे लेकर इंदौर में रहा। इस दौरान वह सूरत और मुंबई भी आता जाता रहा। आरोपी अपने बच्चे को अपने पास रखना चाहता है। उसने यह भी बताया कि ससुर का जब देहांत हुआ था, तब वह अंतिम संस्कार में नहीं जा पाया था। इसके बाद से ही दोनों के बीच विवाद बढ़ते गए।

आरोपी का तीन दिन का पुलिस रिमांड लिया

आरोपी पर 20 हजार का इनाम घोषित था, जिसकी तलाश में लगातार पुलिस ने अनेक जगह दबिश दी थी। इस कारण आरोपी न्यायालय में सरेंडर करने पहुंचा था। न्यायालय ने बच्चे को मां की कस्टडी में दिया है और पुलिस के चाहने पर तीन दिन का पुलिस रिमांड दिया है। शशि उपाध्याय, थाना प्रभारी कोतवाली

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