बाल यौन शोषण विषय पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित |
आगर मालवा |
मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार वार्षिक कार्ययोजना 2025-26 के पालन में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष रवीन्द्र सिंह कुशवाह के मार्गदर्शन में आज शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आगर मालवा में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। उक्त शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में अश्विनी सिंह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आगर मालवा एवं विशेष अतिथि के रूप में प्रियंका चौहान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आगर मालवा, फारूक अहमद सिद्दीकी जिला विधिक सहायता अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य अतिथि श्रीमती अश्विनी सिंह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आगर मालवा ने अपने उद्बोधन में छात्राओं से कहा कि बाल यौन शोषण को रोकने के लिए कठोर कानून बनाए गए हैं जाने अनजाने में अपराध हो जाते हैं अपराधों की जानकारी एवं जागरूक रहने की आवश्यकता है 18 वर्ष से कम आयु की लड़की यदि किसी लड़के के साथ प्रेम संबंध के कारण चली जाती है तो लड़की स्वयं अपना जीवन तो बर्बाद करती है और उस लड़के का जीवन भी बर्बाद हो जाता है और लगभग 10 से 20 वर्ष तक की सजा भी हो जाती है क्योंकि कानून में 18 वर्ष से कम की आयु की लड़की की सहमति कोई सहमति नहीं मानी जाती है। विधि के समक्ष सभी समान है और सभी को समान न्याय दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सहायता उपलब्ध कराई जाती है
प्रियंका चौहान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आगर मालवा ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि कोई भी लक्ष्य तभी पूर्ण किया जा सकता है जब उसके प्रति ईमानदारी और लगन से मेहनत की जाए वह स्वयं भी शासकीय विद्यालय में पड़ी है इसलिए कोई भी छात्र अपने मन में यह नहीं सोचे कि शासकीय विद्यालय में पढ़ने वाले छात्राऐ प्राइवेट विद्यालय की छात्राओं से कम होती हैं शासकीय स्कूलों से पढ़े हुए कई लोग भी बड़े-बड़े पदों पर अधिकारी नियुक्त हुए हैं। महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों जैसे छेड़छाड़, अश्लील हरकतें करना या साहित्य दिखाने, पीछा करना, बलात्कार, घरेलू हिंसा दहेज मृत्यु आदि के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी । जिला विधिक सहायता अधिकारी फारूक अहमद सिद्दीकी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा भी बाल यौन शोषण विषय पर एवं मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों पर छात्राओं से चर्चा की इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य आर सी खंडार एवं अन्य शिक्षक शिक्षिकाएं सहित लगभग 300 से अधिक छात्राएं उपस्थित रही।
