भाजपा की गुटबाजी खुलकर सामने आई— नगर परिषद अध्यक्ष के खिलाफ ही खड़े हुए पार्षद |
सुसनेर नप के 12 पार्षदों ने कलेक्टर को सौंपा अविश्वास प्रस्ताव
आगर मालवा।सुसनेर नगर परिषद में भाजपा की अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। गुरुवार को नगर परिषद के 12 पार्षद एकजुट होकर जिला मुख्यालय आगर पहुंचे और कलेक्टर कार्यालय में वर्तमान नगर परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी राहुल सिसोदिया के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर हलचल मचा दी।
जानकारी के अनुसार नगर परिषद सुसनेर में बहुमत भाजपा समर्थित पार्षदों का ही है। इसके बावजूद परिषद की अध्यक्ष जो खुद भाजपा से जुड़ी हुई हैं, उन्हीं के खिलाफ पार्टी के ही पार्षद लामबंद हो गए। अविश्वास प्रस्ताव में कांग्रेस के चार पार्षद भी शामिल हैं, पार्षदों ने कलेक्टर कार्यालय में सौंपे आवेदन में आरोप लगाया कि अध्यक्ष के कार्यकाल में वार्डों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। हितग्राहियों तक मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच रही हैं, भ्रष्टाचार की शिकायतें बढ़ रही हैं और परिषद के कामकाज में पारदर्शिता नहीं है।
अविश्वास प्रस्ताव में पार्षदों ने साफ लिखा है कि नगर परिषद अध्यक्ष जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर पाई हैं। उनके कार्यकाल में परिषद के वार्डों की उपेक्षा हुई, जिससे पार्षदों के सामने जनता सवाल खड़े कर रही है।
इन पार्षदों ने दिया अविश्वास प्रस्ताव पार्षद ईदबूल्ला खान, प्रेमलता,नईम अहमद मेव, प्रदीप सोनी ल,स्नेहा युगल परमार, कल्पना जितेंद्र सांवला, रेखा दिलीप जैन, राकेश कानुडिया, सोनिया अर्जुन जादमे, मीना पवन शर्मा, तबस्सुम इमरान मेव, शेख उमर फारूक ने मिलकर कलेक्टर कार्यालय में लिखित आवेदन सौंपा। गुरुवार को 12 पार्षद उपस्थित होकर हस्ताक्षरित सौपा।
पार्षदों ने आवेदन में मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 43 एवं उपधारा 1व 2 का हवाला देते हुए अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार करने की मांग की है।
इस घटनाक्रम के बाद सुसनेर नगर परिषद की राजनीति में भूचाल आ गया है। भाजपा खेमे के भीतर की गुटबाजी साफ तौर पर सामने आ गई है। अब सबकी निगाहें कलेक्टर कार्यालय और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।
