लालूखेड़ी में एआरएफएम फूड्स का 150 करोड़ का निवेश, किसानों और युवाओं के लिए खुलेंगे समृद्धि के द्वार |

सरकार की प्रभावी नीतियों से तैयार हो रह निवेश का अनुकूल माहौल, ग्रामीण क्षेत्रों में बह रही निवेश की बयार
जिले में आएगा एग्रो फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर, 500 युवाओं को मिलेगा रोजगार और किसानों को उपज का सही मूल्य

आगर मालवा | जिले के ग्राम लालूखेड़ी, तहसील नलखेड़ा में एआरएफएम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड 150 करोड़ रुपये का भारी निवेश कर नया खाद्य प्रसंस्करण प्लांट स्थापित करने जा रही है। यह निवेश जिले को एग्रो प्रोसेसिंग फूड कल्सटर के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा। कंपनी यहां आलू चिप्स, फ्रोजन स्नैक्स और फ्रोजन वेजिटेबल्स का उत्पादन करेगी, जिससे स्थानीय किसानों, खासकर आलू उत्पादक किसानों को अपने उत्पाद का स्थिर बाजार और उचित मूल्य मिलेगा, जिससे उनकी आय में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) ने इस परियोजना के लिए लालूखेड़ी में जमीन आवंटन को मंजूरी दे दी है। कंपनी का प्लांट आधुनिक तकनीक से लैस होगा और इसमें कोल्ड चेन एवं बड़े गोदाम भी तैयार किए जाएंगे, जिससे उत्पाद लंबे समय तक ताजा रहेंगे। कुल निवेश में से 125 करोड़ रुपये प्लांट और मशीनरी पर और बाकी बुनियादी सुविधाओं पर खर्च होंगे। इस परियोजना से करीब 500 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा परिवहन, पैकेजिंग, सप्लाई चेन और छोटे व्यवसायों से जुड़े अप्रत्यक्ष रोजगार भी बढ़ेंगे। महिलाओं के लिए पैकेजिंग और प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे, जिससे लैंगिक समानता को भी बढ़ावा मिलेगा। इस तरह परियोजना स्थानीय अर्थव्यवस्था और ग्रामीण विकास दोनों को मजबूत करेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह निवेश न केवल उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि निर्यात के अवसर भी पैदा करेगा। आगर मालवा औद्योगिक और ग्रामीण विकास दोनों में तेजी आएगी, बेरोजगारी घटेगी और शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में भी सकारात्मक प्रभाव दिखेगा। एआरएफएम फूड्स की यह पहल जिले के लिए समृद्धि और रोजगार का नया द्वार खोलेगी, जो किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए एक नई उम्मीद साबित होगी।
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अप्रत्यक्ष रोजगार भी बढ़ेगा
यह निवेश युवाओं के लिए वरदान साबित होगा। प्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों में उत्पादन, रखरखाव, प्रशासन और अन्य विभागों में नौकरियां मिलेंगी, लेकिन असली असर अप्रत्यक्ष रोजगार पर पड़ेगा। परिवहन कंपनियां, पैकेजिंग यूनिट्स, सप्लाई चेन से जुड़े लोग और छोटे व्यापारी भी लाभान्वित होंगे। अनुमान है कि हजारों परिवारों की आजीविका इससे जुड़ेगी। महिलाओं के लिए भी पैकेजिंग और प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में अवसर खुलेंगे।
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किसानों को भी मिलेगी उत्पाद की सही कीमत
कंपनी का वादा है कि कच्चा माल स्थानीय किसानों से ही खरीदा जाएगा। आलू और सब्जियां सीधे खेतों से प्लांट पहुंचेंगी। इससे किसानों को न केवल स्थिर बाजार मिलेगा, बल्कि उचित दाम भी मिलेंगे। अभी कई बार फसल बेचने में किसानों को मंडी के चक्कर काटने पड़ते हैं और दाम कम मिलते हैं। लेकिन कंपनी के साथ अनुबंध से उनकी आय में 20-30 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। इसका असर यह होगा कि किसान नई तकनीकें अपनाकर उत्पादन बढ़ाने को प्रेरित होंगे। इससे पूरे ग्रामीण इलाके की अर्थव्यवस्था चमकेगी।
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सरकार की नीतियों से निवेश का अनुकूल माहौल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में मध्यप्रदेश निवेश का हब बन रहा है। सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम से अनुमतियां जल्दी मिलती हैं, कोई लंबी प्रक्रिया नहीं। भूमि बैंक और अविकसित भूमि की आसान उपलब्धता से परियोजनाएं तेजी से शुरू होती हैं। सस्ती बिजली, सब्सिडी और अन्य योजनाओं से उत्पादन लागत घट रही है। इन नीतियों का असर साफ दिख रहा है। आगर मालवा जैसे पिछड़े इलाकों में भी बड़े निवेश आ रहे हैं। सरकार का फोकस ग्रामीण विकास पर है, जहां उद्योग और कृषि साथ चलें। विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसी योजनाओं से राज्य की जीडीपी बढ़ेगी और असमानता कम होगी।
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वर्सन
एआरएफएम फूड्स की इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए 25 एकड़ भूमि आवंटन की जा चुकी है। कंपनी यहां 150 करोड़ का निवेश करेगी, जो आगर मालवा जिले के औद्योगिक और ग्रामीण विकास की दिशा में बड़ा कदम है। इससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज का स्थायी बाजार मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
राजेश राठौड़, कार्यकारी निदेशक-एमपीआईडीसी उज्जैन

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