कृषि गर्भाधान कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री व कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन |
मानदेय वृद्धि, बीमा सुरक्षा व स्थाईकरण की प्रमुख मांगें
आगर-मालवा।
कृषि गर्भाधान कार्यकर्ता गौ-सेवक/मैत्री कल्याण संगठन म.प्र. द्वारा सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नाम कलेक्टर कार्यालय में सौंपा गया। संगठन ने 7 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। संगठन के जिलाध्यक्ष घनश्याम सिंह राजपूत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में उपस्थित मैत्रियों ने अपनी समस्याएं व मांगें रखीं।
संगठन ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि पशुपालन विभाग द्वारा मैत्री कार्यकर्ताओं को दिए जा रहे मानदेय में लंबे समय से वृद्धि नहीं की गई है, जबकि वे ग्रामीण क्षेत्रों में गोवंश संवर्धन, कृत्रिम गर्भाधान, दुग्ध उत्पादन वृद्धि तथा रोग नियंत्रण जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यों में सक्रिय रहते हैं। संगठन ने बताया कि उनकी आय में 25-30 प्रति तक की कमी आई है, जिससे पारिवारिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
मुख्य मांगें
1. मानदेय वृद्धि – मैत्रियों ने वर्तमान में मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को अपर्याप्त बताते हुए कार्य आधारित भुगतान 100 तथा अन्य कार्यों के लिए 500 तक बढ़ाने की मांग की।
2. बीमा सुरक्षा – मैत्री कार्यकर्ताओं के लिए गोवंशीय कार्यों के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं के लिए विशेष बीमा सुरक्षा लागू करने की मांग।
3. मोबाइल व तकनीकी सुविधा – पशुपालक एवं मैत्री के बीच बेहतर समन्वय के लिए मोबाइल एप व नेटवर्क समस्याओं को दूर करने की आवश्यकता पर जोर।
4. 2014-15 बैच के मैत्री कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जाएं, जिससे वे विभागीय योजनाओं का संचालन नियमित रूप से कर सकें।
5. मैत्रियों को स्थाईकरण की दिशा में नीति बनाए जाने की मांग—संगठन ने कहा कि पिछले कई वर्षों से सेवा दे रहे मैत्रियों को स्थाई स्वरूप दिया जाए।
6. गर्भाधान एवं टीकाकरण सामग्री समय पर उपलब्ध कराने की मांग, ताकि क्षेत्रीय कार्य प्रभावित न हों।
7. पशुपालकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी मैत्रियों के माध्यम से देने की व्यवस्था लागू करने की आवश्यकता बताई।
संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विभाग व शासन स्तर पर जल्द ही मांगों पर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन की राह अपनाने मजबूर होंगे।
ज्ञापन में जिला संरक्षक, संगठन के पदाधिकारियों व बड़ी संख्या में मैत्री कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर कर समर्थन दिया।
