अब झमाझम बारिश का इंतजार, इस बार जिले मे 1लाख 73 हजार हेक्टेयर मे होगी सोयाबीन की बुवाई..|
आगर मालवा। बाजार में खरीफ की फसल के लिए बीज भंडार की दुकानों पर किसानो की भीड़ बड़ गई हे। किसान भी बीज खरीद कर खेतों में लगाने को लेकर उत्साहित हे। देखा जाएं तो अधिकतर किसानों ने इस समय खेतों के अंदर बीज की बुवाई कर डाली, अब झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि खेत में डाला गया बीज अंकुरित होकर खेत से बाहर आ जाए।
इस समय खेतों में 40 प्रति, किसानों ने अपने खेतों के अंदर सोयाबीन की बुवाई कर दी है, लगभग 60 प्रति, किसान अभी अच्छी बारिश का इंतजार कर नमी आने के बाद बुवाई करने की सोच रहे हैं,कई किसानों ने तो इस बार बाजार से सोयाबीन का बीज खरीद कर, उसे उपचारित कर ही लगाया है, बाजार में कई वैरायटी के बीज इस समय उपलब्ध है, बाजार मे ग्रेडिंग कर 5 से 6 हजार रु प्रति क़ुन्टल के भाव से सोयाबीन बीक रही हे, अगर हम 9560 सोयाबीन किस्म की बात करे तोअक्सर किसान इस वेरायटी को अधिक लगा रहा हे। वो भी इस लिए की ये जल्दी आकर बाजार मे बीक जाति हे। लेकिन कृषि विभाग की माने तो 9560 का उत्पादन काफी कम होता हे। साथ ही सरकारी सब्सिडी भी इस पर नहीं मिलती, लेकिन किसान अधिक बुवाई अभी जेएस 9560 की हि कर रहा हे।
सरकारी तौर पर मान्य सोयाबीन की कुछ प्रमुख किस्मों में JS 20-98, JS 20-94, NRC 150, JS 21-72, और MACS 1520 शामिल हैं, शासन भी इस किस्म की सोयाबीन को बडावा दे रही,ये किस्में मध्य प्रदेश जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से अनुशंसित हैं।
सोयाबीन की किस्में जो लोकप्रिय हैं।
JS 335:
यह एक लोकप्रिय किस्म है जो उच्च उपज के लिए जानी जाती है,
NRC 7
यह किस्म भी उच्च उपज वाली है,
NRC 131
इस किस्म में तेल की मात्रा अधिक होती है और यह तेजी से अंकुरण के लिए जानी जाती है.
JS 20-34
यह किस्म भी उच्च उपज वाली है, जानकारों के अनुसार कोई भी फ़सल हो या फिर सोयाबीन की फ़सल का अगर चुनाव भी करते हे तो अपनी मिट्टी के प्रकार और जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण होता हे।
5 जुलाई तक होगी बुवाई- इस समय मानसुन जून महा से पहले दस्तक दे चूका था, लेकिन उसे फ़सल के लिए उपयोगी नहीं माना, अब जून महा मे जो बारिश हुई ओर आगे जो होंगी वही खेतो मे फ़सल के लिए उपयोगी होंगी, ऐसे मे हम ज़िला कृषि विभाग की माने तो 5 जुलाई तक भी किसान अपने खेतो मे सोयाबीन की बुवाई कर सकता हे। अगर देखा जाएं तो शेष 50 से 60 प्रतिशत किसान जिन्होने खेतो मे बुवाई अब तक नहीं की, वो इस समय के बिच मे खेतो मे सोयाबीन की बुवाई कर सकते हे। हालांकि मंगलवार को हल्की बारिश से ये लग रहा की दो से पांच दिन मे सभी किसान खेतो मे सोयाबीन फ़सल की बुवाई कर सकते हे। लेकिन उन्हें भी अब झमा झम बारिश का इंतजार होगा। अगर हम पुरे जिले की बात करे तो इस बार 1लाख 73 हजार हेक्टेयर मे सोयाबीन की फ़सल होगी। साथ ही अलग अलग क्षेत्र मे किसान सोयाबीन के साथ, उड़द, मूंगफली, ओर मोटे अनाज मे मक्का की पैदावार भी करेगा।
इनका कहना- विजय चौरसिया उपसंचालक कृषि विभाग आगर ने कहा की ज़ब तक चार इंच यानि 100 एमएम बारिश नहीं होती तब तक सोयाबीन खेतो मे नहीं बोनी चाहिए, अभी 2इंच यानि 50एमएम बारिश हुई हे, अगर हम पर्याप्त बारिश न होने पर फसल खेतो मे लगा देते हैं तो फसल की ग्रोथ नहीं होती है, साथ ही फसल कमजोर होकर उत्पादन में कमी आती है, किसान 5जुलाई तक अपने खेतो मे सोयाबीन की फ़सल की बुवाई कर सकता हे।
