एसडीओपी पर मारपीट का संगीन आरोप — युवक का कान का पर्दा फटा, गवली समाज का उबाल; SP कार्यालय पर घेराव
आगर मालवा। चेक बाउंस प्रकरण से जुड़े एक युवक द्वारा एसडीओपी मोतीलाल कुशवाहा पर मारपीट कर बयान बदलवाने के आरोप लगाए जाने के बाद मामला गरमा गया है। कार्रवाई न होने से नाराज गवली समाज के लोगों ने शनिवार को एसपी कार्यालय का घेराव किया और प्रबल विरोध जताते हुए एएसपी रविन्द्र कुमार बोयट को ज्ञापन सौंपा।
पीड़ित दिलीप पिता नंदराम गवली, निवासी गवली पूरा, ने बताया कि चेक बाउंस मामले में उसके बयान पहले ही थाना स्तर पर दर्ज हो चुके थे और उन आधारों पर केस क्लोज कर दिया गया था। उसके अनुसार, 11 नवंबर 2025 को उसे एसडीओपी कार्यालय बुलाया गया, जहाँ कथित तौर पर बयान बदलने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर एसडीओपी ने अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की, जिससे उसके कान का पर्दा फट गया। दिलीप का कहना है कि उसके पास चिकित्सकीय रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शी दोनों मौजूद हैं। शिकायत 12 नवंबर को उच्च अधिकारियों को दी गई, लेकिन 15 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से समाज में आक्रोश फैल गया।
दूसरी ओर, एसडीओपी मोतीलाल कुशवाहा ने युवक के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि केवल पूछताछ की गई थी, मारपीट का प्रश्न ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि हाल ही में सागर होटल पर की गई उनकी कार्रवाई से कुछ लोग नाराज हैं, जिस कारण “रणनीति के तहत भ्रामक आवेदन” प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
गवली समाज ने मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
