आगर मालवा। नॉन अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज एक गैर संचारी लीवर की बीमारी है। यह बिमारी मधुमेह, कोलेस्ट्रोल, मोटापा ग्रसित एवं निष्किय जीवनशैली या शारीरिक व्यायाम ना करने, खाने मे अधिक वसायुक्त अधिक मीठा खाना या जंक फूड खाने वाले व्यक्ति को होती है। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर महेश निकवाल ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य की दृष्टिगत रखते हुए फैटी लिवर जांच हेतु अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा सम्पूर्ण जिले के 30 वर्ष से अधिक की आयु के नागरिकों का वजन, उचाई, BMI (Body Mass Index) कमर का माप लेकर के बढी आसानी से इस बिमारी का पता लगाया जायेगा। यह अभियान 1 जून 2025 से जिले मे चल रहा है जो 30 सितम्बर 2025 तक चलेगा, इससे बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों को बीमारी के इलाज के लिए प्रेरित किया जाएगा। अभी तक जाँच में जिले लगभग 24 हजार व्यक्तियों में ग्रसित होने की संभावना मिली है। ब्लॉक मेडिकल ऑफिर डॉ महेश निगवाल ने कहा कि,फैटी लिवर बीमारी से बचाव के लिए हरी सब्जिया, फल, अधिक फाइबर युक्त खाना खायें एवं नियमित व्यायाम (150 मिनिट प्रति सप्ताह) तेजी से पैदल चलना, साइकल चलाना, ऐरोबिक एक्सरसाइज, जिम जाना चाहिए। खाने में तेल, घी, शक्कर, जंक फूड, कोलडिंक्स और पेकेज्ड खाना कम से कम उपयोग करें। शराब एवं तम्बाकू उत्पादों का सेवन नही करें या जितना हो सके कम से कम करें।
