पुष्प नक्षत्र पर सराफा बाजार में नहीं दिखी चहल पहल |

सोना-चांदी के बढ़े दाम और कमजोर खरीदी ने घटाई चहल-पहल

आगर मालवा। मंगलवार को पुष्य नक्षत्र जैसा शुभ दिन होने के बावजूद शहर के बाजारों में इस बार रौनक फीकी रही। दीपावली पर्व की तैयारी को देखते हुए व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों को सुंदर सजावट से सजाया था, लेकिन ग्राहकों की अपेक्षित भीड़ नहीं उमड़ी। सुबह से ही बाजारों में सन्नाटा छाया रहा।

पिछले वर्ष जहां पुष्य नक्षत्र के दिन बाजारों में ग्राहकों की इतनी भीड़ रहती थी कि पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती थी, वहीं इस बार स्थिति इसके बिल्कुल उलट रही। खासकर सराफा बाजार में ग्राहकों का अभाव साफ दिखाई दिया। दुकानदारों ने बताया कि सोना-चांदी के दामों में लगातार बढ़ोतरी के कारण लोग खरीदारी से पीछे हट रहे हैं।

व्यापारियों का कहना है कि दीपावली नजदीक होने के बावजूद ग्राहकों की उत्सुकता कम दिखाई दे रही है। फसलों की कमजोर स्थिति और बढ़ते महंगाई के कारण ग्रामीण इलाकों से भी खरीदारी की रफ्तार थमी हुई है। कई व्यापारी पूरे दिन ग्राहकों का इंतजार करते रहे, लेकिन बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पाई।

वहीं इलेक्ट्रॉनिक, कपड़ा, जूता-चप्पल और गिफ्ट आइटम की दुकानों पर भी सामान्य से कम बिक्री दर्ज की गई।

व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि आगामी धनतेरस और दीपावली पर बाजार में फिर से रौनक लौटेगी, क्योंकि लोग शुभ मुहूर्त पर खरीदारी करना पसंद करते हैं।
सराफा बाजार में रही मंदी-स्थानीय व्यापारियों ने कहा कि इस बार सराफा बाजार में जो फीकी रौनक रही उसका मुख्य कारण ज्वेलरी में अधिक भाव है। व्यापारीयो के अनुसार इस समय जहां बाजार में अच्छी चहल-पहलर हती थी, लेकिन इस बार वो नहीं दिखी।
दीपावली से पहले सराफा बाजार में इस बार रौनक देखने को नहीं मिल रही है। मंगलवार को स्थानीय सराफा बाजार में सोना 1, 31हजार प्रति तोला और चांदी 1, 82हजार प्रति किलो के भाव पर कारोबार हुआ। वहीं वायदा बाजार में चांदी 1, 60हजार किलो और सोना 1, 26हजार प्रति तोला रहा।
मध्यप्रदेश सराफा एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव देवीलाल सोनी (आगर) ने बताया कि इस बार बाजार में सुबह से ही सन्नाटा है। ग्राहकों की खरीदी में सुस्ती बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बाजार में मंदी का मुख्य कारण दलालों द्वारा माल का जमाखोरी करना है। इन दलालों ने सोना-चांदी का स्टॉक रोककर भावों में कृत्रिम बढ़ोतरी कर रखी है, जिसके चलते आम ग्राहक खरीदारी से पीछे हट रहे हैं।

सोनी ने कहा कि यदि सरकार ऐसे जमाखोरों पर कार्रवाई कर बाजार में संतुलन लाए, तो निश्चित ही सराफा बाजार में फिर से रौनक लौट सकती है। फिलहाल त्योहार के मौसम में भी बाजार की चहल-पहल फीकी नजर आ रही है।

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