नगर में नवीन स्वास्थ केंद्र भवन को बनने को लेकर नाराजगी, पुराने परिसर में ही बने नवीन भवन |

कानड़। नगर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास को लेकर चल रहा निर्माण कार्य अब विवादों में घिर गया है। सरकार द्वारा नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) भवन का निर्माण शहर के दूसरे हिस्से में शुरू कर दिया गया है, जबकि वर्षों से नगरवासियों की मांग थी कि वर्तमान 6 बिस्तर वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उन्नत कर 30 बिस्तर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बनाया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उन्नयन पुराने परिसर में किया जाता, तो सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकती थीं।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी से बढ़ी नाराजगी

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नागरिकों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों ने इस मामले में उचित आवाज नहीं उठाई, जिससे वर्षों से लंबित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की उम्मीद फिर अधर में लटक गई है। लोगों का कहना है कि सर्जरी, मेडिसिन, शिशु रोग, त्वचा रोग विशेषज्ञ सहित कई आवश्यक चिकित्सा सेवाएँ पुराने परिसर में उन्नयन से मिल सकती थीं।
नए भवन की लोकेशन बनी मुख्य विवाद का कारण

प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ—इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत 33 लाख रुपये से अधिक लागत का ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (BPHU) भवन पहले से ही पुराने परिसर में बनाया गया है, जिसका शुभारंभ शेष है।
लोगों का सवाल है कि जब पुरानी जगह पर पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, मौजूदा भवन और BPHU यूनिट वहीं मौजूद हैं, तो नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शहर के दूसरे छोर पर क्यों बनाया जा रहा है?
नागरिकों का कहना है कि इससे मरीजों को जांच, इलाज, टीकाकरण और अन्य सेवाओं के लिए दो जगह चक्कर काटने पड़ेंगे।
उन्नयन होता तो मिलती ये सुविधाएँ

यदि 6 बिस्तर वाले PHC को 30 बिस्तर के CHC में बदला जाता, तो नगरवासियों को यह सुविधाएँ मिल सकती थीं—

सर्जन, मेडिसिन, शिशु रोग व त्वचा रोग विशेषज्ञ

दंत चिकित्सक

10 नर्सिंग ऑफिसर

रेडियोग्राफर

2 लैब टेक्नीशियन

ओटी टेक्नीशियन

आधुनिक जांच सुविधाएँ

स्थानीय नागरिकों ने चिंता जताई है कि गलत स्थान चयन के कारण वर्षों से मांग रही इन सेवाओं का सपना फिर दूर होता दिख रहा है।

एक ही नगर में दो PHC! संसाधनों का बिखराव तय

पहले से एक व्यवस्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है, ऐसे में नया PHC अलग लोकेशन पर बनने से—

संसाधनों का बिखराव

स्टाफ की तैनाती में असंतुलन

सरकारी धन का दुरुपयोग
जैसी समस्याएँ पैदा होंगी।
नागरिक इसे अव्यवहारिक और अव्यवस्थाजनक निर्णय बता रहे हैं।
स्थानीय संस्थाएँ भी विरोध में उतरीं

जन आरोग्य , रोगी कल्याण समिति सदस्य, स्थानीय प्रेस क्लब सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने मांग उठाई है कि नया PHC भवन पुराने परिसर में ही बनाया जाए, ताकि सभी स्वास्थ्य सेवाएँ एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकें।
लोगों का यह भी कहना है कि यदि भविष्य में 30 बिस्तर वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मंजूरी मिलती है, तो विस्तार पुरानी जगह पर ही संभव है।

प्रेस क्लब अध्यक्ष डी.एस. आर्य ने बताया कि प्रेस क्लब के सदस्य जल्द ही कलेक्टर से मिलकर पुराने परिसर में ही भवन निर्माण की मांग करेंगे।
पूर्व अध्यक्ष संतोष बैरागी ने कहा कि दूसरे स्थान पर नया स्वास्थ्य केंद्र बनने से जनता के धन की हानि होगी। इस संबंध में कलेक्टर एवं विधायक को अवगत कराया जाएगा।

जनता की स्पष्ट मांग — एक ही परिसर में सभी स्वास्थ्य सुविधाएँ

नगरवासियों का मानना है कि स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था में जल्दबाजी या गलत स्थान चयन से आमजन की परेशानी बढ़ेगी। पुरानी जगह पर ही भवन निर्माण एवं उन्नयन होने से मरीजों को भविष्य में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित सभी सुविधाएँ एक ही स्थान पर मिल सकेंगी।

नगर के गणमान्य नागरिक पूर्व पार्षद नासिर अली, कन्हैयालाल परमार, पार्षद दरबार सिंह आर्य, पूर्व नप पार्षद गोरी शंकर सूर्यवंशी

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