मालवा मालवा । कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दुरुपयोग से तैयार किए जा रहे फर्जी चिकित्सकीय पर्चों को लेकर दवा व्यवसाय से जुड़े संगठनों में गंभीर चिंता व्याप्त है। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) ने इस मुद्दे को जन-स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बताते हुए केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
एआईओसीडी के अध्यक्ष जे. एस. शिंदे एवं महासचिव राजीव सिंघल के साथ प्रदेश अध्यक्ष गौतम चंद धींग ने बताया कि एआई के माध्यम से काल्पनिक अस्पतालों और मनगढ़ंत डॉक्टरों के नाम से फर्जी चिकित्सकीय पर्चे तैयार किए जा रहे हैं। इन पर्चों के आधार पर एंटीबायोटिक, मनप्रभावी दवाएं, दर्दनिवारक ,नशीली दवाएं तथा ‘एच’1 और ‘एक्स’ श्रेणी की दवाओं की अवैध ऑनलाइन बिक्री की जा रही है।
संगठन के अनुसार कुछ अवैध ऑनलाइन दवा विक्रय मंच सरकारी अधिसूचनाओं जीएसआर 817(ई) एवं जीएसआर 220(ई) का हवाला देकर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत निर्धारित सुरक्षा प्रावधानों को दरकिनार कर रहे हैं। ऑफलाइन मेडिकल स्टोर्स पर जहां फार्मासिस्ट द्वारा पर्चे का प्रत्यक्ष सत्यापन किया जाता है, वहीं ऑनलाइन मंचों पर प्रभावी मानवीय जांच की व्यवस्था नहीं होने से एआई द्वारा तैयार फर्जी पर्चियों की पहचान लगभग असंभव हो जाती है।
इसी मुद्दे पर आगर जिला केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट संगठन के जिला अध्यक्ष अनिल शर्मा, जिला सचिव योगेश पांडे, राजेश मेठी, सुरेंद्र कुमार राठौर ओर अन्य ने भी कहा कि जिले में संचालित सभी लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर्स नियमों का पालन करते हुए दवाओं का वितरण करते हैं, जबकि ऑनलाइन माध्यम से बिना पर्याप्त सत्यापन के दवाओं की बिक्री गंभीर चिंता का विषय है। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि एंटीबायोटिक और नियंत्रित दवाओं की अनियंत्रित उपलब्धता से दवा-प्रतिरोध जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
जिला संगठन ने केंद्र सरकार एवं औषधि महानियंत्रक से मांग की है कि जन-स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जीएसआर 817(ई) एवं जीएसआर 220(ई) अधिसूचनाओं की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, अवैध ऑनलाइन दवा विक्रय मंचों पर सख्ती बरती जाए तथा एआई-जनित चिकित्सकीय पर्चों को अवैध घोषित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
केमिस्ट संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि इस पर शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।
