आगर मालवा “नेशनल लोक अदालत“ का आयोजन 08 मार्च को जिले में होगा। लोक अदालत में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135, के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिये निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, पांच किलो वाट भार तक के गैर घरेलू एंव 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्यौगिक उपभोक्ताओं को नियमानुसार छूट दी जाएगी ।
नेशनल लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में विद्युत कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एंव आंकलित राशि को भुगतान में चुक किए जाने पर निर्धारण आदेश जारी की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छः माही चक्र वृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छुट प्रदान की जावेगी । वही लिटिगेशन प्रकरणों में विद्युत कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एव आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छः माह चक्रवर्ती दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जावेगी। उक्त छुट का लाभ केवल आंकलित सिविल दायित्व की राशि दस लाख रूपये तक के निर्धारित भार सीमा के अधिन प्रकरणों पर ही दिया जावेगा। ऐसे उपभोक्ता जो नेशनल लोक अदालत के माध्यम से अपने प्रकरण का निराकरण करवायेंगे उनका न्यायालय में लंबित अपराधिक प्रकरण (लिटिगेशन) एंव न्यायालय में दर्ज होने वाले प्रकरण (प्रिलिटिगेशन) को पूर्ण रूप से समाप्त कर दिया जावेगा। समझौते के माध्यम से छूट हेतु अन्य शर्ते / जानकारी संबंधित विद्युत वितरण केन्द्र कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
अधीक्षण यंत्री, विद्युत वितरण कम्पनी आगर राजेश हरोड़े ने जिले के विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि 08 मार्च को न्यायालय आगर में आयोजित “नेशनल लोक अदालत“ में उपस्थित होकर अपने लंबित प्रकरणों का निराकरण करवा कर छुट का लाभ प्राप्त करें।
