आगर-मालवा। सोमवार को एक महिला चिकित्सक द्वारा आगर में ही पदस्थ डॉक्टर विशाल तथा उनके दो साथियों बहादुर और तुषार के खिलाफ मारपीट व धमकाने की शिकायत दर्ज कराई गई। कोतवाली पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध मारपीट एवं एट्रोसिटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत में क्या कहा गया—
फरियादी महिला चिकित्सक, जो ग्रीन पार्क अयोध्या बायपास भोपाल की निवासी व स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं, ने पुलिस को बताया कि उनकी पहचान डॉक्टर विशाल से लगभग 11 माह पहले जिला अस्पताल आगर में पदस्थ रहने के दौरान हुई थी। जनवरी 2025 से मार्च 2025 तक दोनों वहीं कार्यरत रहे। इसी दौरान दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे और रिश्ते में आ गए। टेनुअर पूरा होने के बाद वह इंदौर लौट गईं, पर संपर्क बना रहा—कभी डॉ. विशाल इंदौर जाते थे, तो कभी वे आगर आती थीं।
घटना का क्रम—
1 नवंबर को डॉ. विशाल से बातचीत न होने पर वे उनसे मिलने आगर के विनायक सिटी स्थित उनके आवास पर पहुंचीं, जहां डॉक्टर नहीं मिले। वे वहीं रुक गईं।
अगले दिन डॉ. विशाल के दो मित्र—बहादुर और तुषार—वहीं पहुंचे और उनके साथ गाली-गलौज कर धमकाया।
17 नवंबर को जब वे दोबारा आगर आईं, तो दोनों युवक वहां पहले से मौजूद मिले। इसके बाद डॉ. विशाल उन्हें उनके घर छोड़कर गए। रात 8 बजे से सुबह 3 बजे तक चर्चा चलती रही। शिकायत के अनुसार, बहादुर से फोन पर माफी मंगवाने के तुरंत बाद डॉ. विशाल ने उन्हें थप्पड़ मारकर मारपीट शुरू कर दी तथा पुलिस को सूचना देने से रोका।
फरियादी ने बताया कि उन्होंने किसी तरह 112 पर कॉल कर पुलिस बुलवाई, लेकिन मौके पर दोनों पक्षों द्वारा ‘आपस में मामला सुलझ जाने’ की बात कही गई। बाद में वे वापस इंदौर लौट गईं। उनका आरोप है कि कई बार संपर्क करने पर भी डॉ. विशाल फोन नहीं उठाते थे और कभी-कभार बातचीत में जातिसूचक टिप्पणियां भी करते थे। उन्होंने भय के कारण तत्काल शिकायत नहीं की, लेकिन सोमवार को हिम्मत जुटाकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
