शासकीय भूमि पर अवैध रूप से लगाए गए सोलर पैनल |

एसडीएम ने कंपनी को दिए तत्काल हटाने के निर्देश, सरपंच की शिकायत पर हुआ बड़ा खुलासा

आगर-मालवा।
जिले में सोलर और पवन ऊर्जा प्रोजेक्ट तेज़ी से विस्तार पा रहे हैं, जिनसे जिला विद्युत उत्पादन में अग्रणी बन रहा है। लेकिन इसी दौरान कई कंपनियों द्वारा मनमानी, अनियमितता और शासन के नियमों की अनदेखी भी गंभीर रूप से सामने आने लगी है। ऐसा ही एक बड़ा मामला ग्राम बर्डाबरखेड़ा में उजागर हुआ है, जहां सोलर ऊर्जा का कार्य कर रही कंपनी ने शासकीय भूमि पर ही सोलर पैनल लगाकर अवैध कब्जा कर लिया।

सरपंच की शिकायत पर उजागर हुई अनियमितता

ग्राम पंचायत सरपंच पृथ्वीराज को जब इस अनधिकृत कार्य की जानकारी लगी तो उन्होंने तुरंत कलेक्टर, एसडीएम तथा संबंधित विभागों को शिकायत दर्ज कराई। सरपंच ने बताया कि ग्राम बर्डाबरखेड़ा में 122 मेगावॉट क्षमता का सोलर पावर प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है। इसी के तहत कंपनी ने सर्वे क्रमांक 729, 737 और 752 — कुल 1.38 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर बिना अनुमति सोलर पैनल लगा दिए।
इसके अलावा सर्वे नंबर 750 पर स्थाई वार्ड का निर्माण भी कर दिया गया, जो कि पूर्णतः गैर-कानूनी है।

सरपंच द्वारा मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में दिए गए आवेदन में स्पष्ट किया गया कि यह भूमि सरकारी गोचर भूमि (नाला भूमि) के रूप में दर्ज है, जहां किसी निजी कंपनी द्वारा निर्माण या ऊर्जा प्रोजेक्ट स्थापित करना प्रतिबंधित है।

एसडीएम ने दिए सख्त निर्देश

शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद एसडीएम मिलिंद ढोके ने संबंधित सोलर कंपनी को तुरंत शासकीय भूमि खाली करने और अवैध रूप से लगाए गए सभी सोलर पैनल हटाने के निर्देश जारी किए।
एसडीएम ने बताया—

> “ग्राम बर्डाबरखेड़ा की सरकारी नाला भूमि पर एबी एनर्जी कंपनी द्वारा बिना अनुमति सोलर पैनल लगा दिए गए थे। पैनल हटाने के निर्देश दे दिए हैं, तथा कंपनी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।”

भूमि दलालों की सक्रियता और बढ़ती मनमानी

जिले में चल रहे सोलर एवं पवन ऊर्जा प्रोजेक्ट के बीच कई भूमि दलाल सक्रिय हैं, जो किसानों की जमीनें कम दामों पर खरीदकर कंपनियों को महंगे दामों पर बेच देते हैं। किसानों की जमीनों पर मनमाने तरीके से प्रोजेक्ट कार्य करना पहले भी विवादों का कारण बन चुका है, लेकिन बर्डाबरखेड़ा का यह मामला तो सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के स्तर तक पहुंच गया है।

जनसुनवाई में सरपंच ने की एक और शिकायत

आज कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान भी सरपंच पृथ्वीराज ने एक अलग शिकायत प्रस्तुत की। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल तहसीलदार को मौके पर जाकर भू-अवस्थिति की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

यह कदम दर्शाता है कि प्रशासन पूरे मामले को गंभीरता से लेकर व्यापक स्तर पर जांच कर रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तुरंत रोक लग सके।

नियमों की अनदेखी पर प्रशासन सख्त

ऊर्जा प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण होने के बावजूद कंपनियों को शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य है। सरकारी भूमि पर बिना अनुमति कब्जा कर निर्माण करना गंभीर कानूनी उल्लंघन है। राजस्व विभाग द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

सरपंच ने जताई ग्राम हित की चिंता

सरपंच ने कहा—

> “सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करना न केवल कानून के विरुद्ध है, बल्कि गांव की चराई भूमि और भविष्य के विकास कार्यों के लिए भी नुकसानदायक है। प्रशासन से तत्काल कार्रवाई अपेक्षित है।”

यह मामला जिले में ऊर्जा कंपनियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है। प्रशासन द्वारा की जा रही सख्त कार्रवाई से उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी मनमानी पर अंकुश लगेगा और नियमों के अनुपालन को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाएगा।

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