आगर मालवा। किसानों को सुलभ, सरल, रियल टाइम एवं पारदर्शी व्यवस्था के अंतर्गत आवश्यकता अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा जिले में 01 जनवरी 2026 से ई-विकास प्रणाली के माध्यम से ई-टोकन द्वारा खाद वितरण व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
कलेक्टर प्रीति यादव के निर्देशन में खाद वितरण व्यवस्था प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु 01 जनवरी को जिला पंचायत सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रथम सत्र में प्राथमिक सहकारी समितियों के समिति प्रबंधक, रिटेलर विक्रेता, मार्कफेड एवं एम.पी. एग्रो गोदाम प्रभारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उप संचालक कृषि श्री विजय चौरसिया द्वारा ई-विकास पोर्टल की प्रमुख विशेषताओं एवं तकनीकी बारीकियों की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनर के रूप में जिला विपणन अधिकारी आगर/शाजापुर जैनिफर खान एवं प्रेमनारायण पटेल द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रथम चरण का प्रशिक्षण प्रातः 11ः30 बजे से दोपहर 01ः30 बजे तक आयोजित हुआ, जिसमें सहकारी समिति, विपणन समिति, विपणन संघ, एम.पी. एग्रो सहित प्राथमिक संस्थाओं के प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं गोदाम प्रभारी उपस्थित रहे।
द्वितीय सत्र में दोपहर 02ः00 बजे से 04ः00 बजे तक जिले के समस्त निजी थोक एवं रिटेल उर्वरक विक्रेताओं को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान रियल टाइम स्टॉक डिस्प्ले, ई-टोकन जनरेट करने की प्रक्रिया तथा उर्वरक वितरण प्रणाली से संबंधित समस्त जानकारियां स्टेकहोल्डर्स को दी गईं, ताकि जिले के किसानों को उर्वरक प्राप्ति एवं क्रय में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
शासन द्वारा लागू की गई उर्वरक वितरण प्रणाली सरल, सहज एवं किसान हितैषी है, जिसे सभी किसान आसानी से उपयोग में ला सकते हैं। जिले के किसानों से अपील है कि वे अपनी फार्मर रजिस्ट्री एग्री स्टैक पर अवश्य कराएं, जिससे उनके रकबा एवं फसल के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला विपणन अधिकारी आगर विक्रम सिंह परमार, एम.पी. एग्रो प्रबंधक सुनील चौधरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
ब्यूरो, रिपोर्ट
