नलखेड़ा में मौत का सैलाब, हादसे के बाद बैरिकेड्स पर उठे सवाल
मां बगलामुखी मंदिर के समीप पुलिया पर कार बहने से 8 मौतें; श्रावण में हटाए गए थे बैरिकेड्स, वायरल हो रहा पुराना जनसंपर्क समाचार
नलखेड़ा। मां बगलामुखी मंदिर के समीप बरसाती नाले में कार बहने से आठ लोगों की मौत की दर्दनाक घटना ने पूरे आगर-मालवा जिले को झकझोर दिया है। हादसे के बाद अब घटनास्थल की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, जिस पुलिया पर यह हादसा हुआ, वहां पहले बैरिकेड्स लगाए गए थे, लेकिन श्रावण माह के दौरान कलेक्टर के निर्देश पर इन्हें हटाया गया था। बैरिकेड्स हटाने से संबंधित पूर्व का एक जनसंपर्क समाचार भी घटना के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

रात की बारिश बनी जानलेवा
बताया जा रहा है कि बीती रात क्षेत्र में तेज बारिश हुई। बारिश के चलते बरसाती नाले का बहाव अचानक काफी तेज हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिया के समीप उस समय बैरिकेड्स अथवा पर्याप्त चेतावनी व्यवस्था मौजूद नहीं थी। इसी दौरान कार पुलिया पर पहुंची और तेज बहाव की चपेट में आ गई।
प्राथमिक जांच के आधार पर पुलिस भी तेज बारिश और नाले के बढ़े हुए बहाव को हादसे की संभावित वजह मान रही है। एसपी के अनुसार, कार के शीशे बंद होने के कारण उसमें सवार लोग बाहर नहीं निकल सके।
मृतकों में बड़ौद का चालक, सात भुवनेश्वर के श्रद्धालु
हादसे में कार चालक अरुण पिता बद्रीलाल गोयल, निवासी सुदवास, तहसील बड़ौद, जिला आगर-मालवा सहित आठ लोगों की मौत हुई है।
अन्य मृतकों की पहचान राधारानी बेहरा (33), ज्ञानेंद्र कुमार बेहरा (41), रितारानी पत्नी ज्ञानेंद्र बेहरा (38), कृष्णा राजवीर पिता शिवप्रसाद (13), शिवप्रसाद बेहरा, वी. साई स्वस्तिक पिता ज्ञानेंद्र (10) और शाहीरा स्वयं प्रभा पिता शिवप्रसाद (6) के रूप में हुई है। सभी भुवनेश्वर, ओडिशा के निवासी बताए गए हैं।
एसपी बोले—जांच में कोई बिंदु नहीं छोड़ा जाएगा
आगर एसपी दिलीप कुमार सोनी ने हादसे को बेहद हृदयविदारक बताते हुए कहा कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और जांच में कोई भी बिंदु नहीं छोड़ा जाएगा। उनके अनुसार, रात में हुई तेज बारिश के कारण नाले का बहाव काफी तेज था और संभवत: इसी वजह से कार नाले में गिरी। कार के सभी कांच बंद होने के कारण उसमें सवार लोग बाहर नहीं निकल सके।
पोस्टमार्टम के बाद शव ओडिशा रवाना
हादसे के बाद प्रशासन और रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य किया। सभी आठ मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। इसके बाद शवों को पुलिस दल के साथ ट्रांसपोर्ट एंबुलेंस के माध्यम से भुवनेश्वर, ओडिशा स्थित उनके परिजनों के लिए रवाना कर दिया गया है।
कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना ने बताया कि हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है। किन परिस्थितियों में दुर्घटना हुई, यह जांच का विषय है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद सभी शवों को पुलिस दल के साथ भुवनेश्वर भेजने की व्यवस्था की गई है।
मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
मां बगलामुखी मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। घटनास्थल के आसपास पार्किंग व्यवस्था संचालित होने और सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी की बात भी सामने आ रही है। ऐसे में बारिश के दौरान पुलिया और बरसाती नाले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
यदि पुलिया पर पहले बैरिकेड्स लगाए गए थे और बाद में उन्हें हटाया गया, तो बारिश के मौसम में बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए वैकल्पिक सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए?
क्या तेज बारिश के दौरान पुलिया पर वाहनों की आवाजाही रोकने, चेतावनी देने या बैरिकेड्स लगाने की कोई व्यवस्था थी?
जब मंदिर क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और यहां पार्किंग व्यवस्था भी संचालित होती है, तो बरसाती नाले के जलस्तर और पुलिया की स्थिति की निगरानी के लिए जिम्मेदार व्यवस्था क्या थी?
क्या संबंधित विभागों ने बारिश से पहले ऐसे सभी संवेदनशील स्थानों का सुरक्षा ऑडिट किया था?

जांच से सामने आएगा पूरा सच
हादसे के बाद बैरिकेड्स हटाए जाने से संबंधित पुराना जनसंपर्क समाचार वायरल होने से मामला और गंभीर चर्चा में आ गया है। हालांकि, बैरिकेड्स हटाए जाने और हादसे के बीच प्रत्यक्ष संबंध था या नहीं, यह फिलहाल जांच का विषय है। प्रशासन ने भी घटना की विस्तृत जांच की बात कही है।
अब जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि हादसे के समय घटनास्थल पर सुरक्षा के क्या इंतजाम थे, बैरिकेड्स क्यों हटाए गए थे, बारिश के दौरान कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी या नहीं और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है।
आठ जिंदगियों के चले जाने के बाद उठे ये सवाल केवल एक हादसे की जांच तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा से भी जुड़े हैं, जिनका उद्देश्य ऐसे संवेदनशील स्थानों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
ब्यूरो रिपोर्ट — आगर लाइव
