आगर मालवा। सुसनेर नगर परिषद में अध्यक्ष पद को लेकर लंबित प्रक्रिया पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। न्यायालय ने राज्य शासन एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के तहत 45 दिनों के भीतर अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया पूर्ण करें।
यह आदेश न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा द्वारा 28 अप्रैल 2026 को रिट याचिका क्रमांक 15000/2026 में पारित किया गया। याचिका श्रीमती प्रेम बाई सहित अन्य पार्षदों द्वारा दायर की गई थी, जिसमें अधिनियम की धारा 37 (1) एवं (2) के अनुसार समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाया गया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर परिषद सुसनेर की अध्यक्ष ने 24 दिसंबर 2025 को इस्तीफा दिया था, जिसे 19 फरवरी 2026 को स्वीकार किया गया। इसके पश्चात नियमानुसार नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ होना अपेक्षित था, किंतु लगभग दो माह तक चुनाव नहीं कराए गए। इस दौरान 25 मार्च 2026 को एक पार्षद को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया।
याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय में तर्क प्रस्तुत किया कि यह नियुक्ति विधि सम्मत नहीं है तथा निर्धारित समयसीमा में चुनाव कराना अनिवार्य था। वहीं राज्य शासन की ओर से शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया।
सभी पक्षों को सुनने के उपरांत न्यायालय ने निर्देशित किया कि अधिनियम की धारा 37 (1) एवं (2) का पालन सुनिश्चित किया जाए तथा आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के 45 दिनों के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूर्ण की जाए। साथ ही, यदि कोई विधिक बाधा न हो तो प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं किया जाए।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद सुसनेर नगर परिषद में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अध्यक्ष पद के लिए संभावित दावेदार सक्रिय हो गए हैं और शीघ्र चुनाव होने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि चुनाव संपन्न होने के बाद नगर परिषद के विकास कार्यों को गति मिल सकेगी।
