आपातकाल, भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय-विधायक गहलोत |

जिला मुख्यालय पर संविधान हत्या दिवस मनाया गया
आगर मालवा |
आपातकाल, भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है, आज से 50 वर्ष से पूर्व 25 जून 1975 में सत्तारूढ़ सरकार ने देश में आपातकाल लागू कर संविधान की हत्या की थी, जिसे देश की नई पीढ़ी कभी नहीं भूलेगी। यह बात विधायक  मधु गहलोत ने आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर जिला मुख्यालय पर सामुदायिक भवन आगर में आयोजित संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कही। विधायक ने कहा कि हमारे संविधान ने हमें समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्वता के साथ रहने के अधिकार दिए है। तात्कालीन सरकार ने आपातकाल लगाकर निरपराध लोगों को जेल में बंद किया, आम लोगों को अत्याचार सहने पड़े, आपातकाल के विरोध में लोगों ने आवाज उठाई, उन्हें जेल डाला गया। यह दिन इतिहास में काला दिवस बनकर रह गया। ऐसा दिन दोबारा कभी देखने को न मिलें।
जिलाध्यक्ष  ओम मालवीय ने कहा कि आपातकाल में नागरिकों की आजादी छीनी गई थी। भुक्तभोगी जानते है, की आपातकाल कितना बुरा था। कई लोकतंत्र सेनानी आपातकाल के पूरे समय जेल में बंद रहे, अनेक कष्ट सहे, लेकिन फिर भी वह लोकतंत्र की रक्षा के लिए अडिग रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज लोकतंत्र की जड़े मजबूत है। हमारी सरकार भारत के संविधान के निर्देशों के अनुसार आम लोगों के सपनां को पूरा करने का काम कर रही है।
कार्यक्रम को जनप्रतिनिधि  भैरू सिंह चौहान ने भी संबोधित किया। एसडीएम  मिलिंद ढोके ने आपातकाल पर प्रकाश डाला। एडिशनल एसपी रविन्द्र बोयट ने भी अपने संस्मरण सुनाए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि  मनीष सोलंकी,  अजय जैन मारू बर्डिया, डिप्टी कलेक्टर  किरण बरबड़े, सहित नगर पालिका अधिकारी छात्र-छात्राएं, महिलाएं उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन अध्यापक रजनीश स्वर्णकार द्वारा किया गया एवं आभार तहसीलदार विजय सेनानी ने माना।
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