भावांतर योजना रैली में किसानों की जबरदस्त भागीदारी |
जय किसान, जय भावांतर के नारों से गूंज उठा नगर
आगर-मालवा। कलेक्टर प्रीति यादव के निर्देशन में भावांतर योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु आगर नगर में शनिवार को भव्य रैली का आयोजन किया गया। रैली में क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योजना के महत्व को समझते हुए अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
भावांतर योजना के प्रचार-प्रसार के लिए आयोजित इस रैली का शुभारंभ नवीन कृषि उपज मंडी आगर से जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि भेरूसिंह चौहान, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि जितेन्द्र सिंह चौहान एवं कृषि समिति अध्यक्ष सुंदरलाल यादव ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिससे रैली का स्वरूप और भी प्रभावशाली बन गया।
भेरूसिंह चौहान ने कहा कि भावांतर योजना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जो उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित कर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक पंजीयन कराने की अपील की, ताकि सभी किसान इस योजना का लाभ उठा सकें और कृषि समृद्धि को बढ़ावा दे सकें।
जितेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि भावांतर योजना किसानों के हित में राज्य सरकार का बेहतरीन प्रयास है। यह न केवल किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाती है, बल्कि उनकी मेहनत का सम्मान भी करती है। उन्होंने किसानों से इस योजना का अधिकतम लाभ लेने का आग्रह किया।
कृषि समिति अध्यक्ष सुंदरलाल यादव ने कहा कि भावांतर योजना किसानों के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में सुनहरा अवसर है। यह योजना उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है और भविष्य के लिए प्रेरणा देती है।
उप संचालक कृषि विजय चौरसिया ने जनप्रतिनिधियों और किसानों का स्वागत करते हुए योजना के उद्देश्यों, लाभों और पंजीयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के किसान 17 अक्टूबर तक अधिक से अधिक पंजीयन कर योजना का लाभ प्राप्त करें और अन्य किसानों को भी प्रेरित करें।
रैली के दौरान “किसान समृद्ध तो देश समृद्ध और जय किसान, जय भावांतर के नारों से पूरा नगर गूंज उठा। किसानों ने योजना के प्रति अपनी सकारात्मक सोच और समर्थन व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन राहुल बामनिया, सूचना सहायक एवं जीवन राठौर, कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा किया गया। रैली में कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।
