एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध की मांग, स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा ज्ञापन
इंदौर। खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच जागरूक उपभोक्ता समिति ने एनालॉग (कृत्रिम) पनीर के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। समिति के प्रतिनिधिमंडल ने इंदौर आगमन पर राज्य मंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग नरेंद्र शिवाजी पटेल से सौजन्य भेंट कर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा।
समिति के पदाधिकारियों ने प्रदेश में नकली घी, मिलावटी डेयरी उत्पादों सहित अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की सराहना करते हुए मंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मिलावट के खिलाफ सख्त कार्रवाई से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा के साथ ही मिलावटखोरों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
एनालॉग पनीर की विशेष जांच की मांग
ज्ञापन में समिति ने एनालॉग पनीर को लेकर चिंता जताते हुए प्रदेश में इसके निर्माण, भंडारण, परिवहन और विक्रय की विशेष जांच कराने की मांग की। साथ ही अन्य राज्यों से मध्यप्रदेश में आने वाले ऐसे उत्पादों पर भी निगरानी बढ़ाने का आग्रह किया गया। समिति ने कहा कि सामान्य पनीर के नाम पर उपभोक्ताओं को भ्रमित कर एनालॉग पनीर बेचने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। आवश्यकता होने पर इसके विक्रय पर प्रतिबंध लगाने पर भी विचार किया जाए।
मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने समिति द्वारा उठाए गए विषय को गंभीरता से सुना और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य एवं हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध प्रदेश सरकार की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी तथा जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश कुमार अमौलिया, उपाध्यक्ष मनोज गुप्ता, सी.एस. ठाकुर, दिनेश शर्मा सहित अन्य सदस्यों ने सौंपा। समिति ने उम्मीद जताई कि एनालॉग पनीर एवं अन्य मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई होने से उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।
