कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय का किया आकस्मिक निरीक्षण, मरीजों से चर्चा कर उपचार व भोजन व्यवस्था की ली जानकारी

ब्यूरो -दारा सिंह आर्य 

आगर-मालवा। जिला चिकित्सालय में उपलब्ध मानव संसाधन सहित अन्य सुविधाओं का बेहतर उपयोग कर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। किसी भी मरीज को बगैर उचित कारण के जिला चिकित्सालय से रेफर नहीं किया जाए। यह निर्देश कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना ने सोमवार शाम जिला चिकित्सालय के आकस्मिक निरीक्षण के बाद चिकित्सकों की बैठक में दिए।

कलेक्टर डॉ. मीना शाम करीब 4 बजे जिला चिकित्सालय पहुंचे और लगभग डेढ़ घंटे तक विभिन्न वार्डों एवं उपचार केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी पंजीयन केंद्र, जन्म पंजीयन केंद्र, प्रसूति वार्ड, पुरुष वार्ड, ब्लड बैंक, एसएनसीयू सहित अन्य वार्डों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से चर्चा कर अस्पताल में मिल रही उपचार सुविधाओं, भोजन की गुणवत्ता एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

जन्म पंजीयन केंद्र पर प्रमाण पत्र लेने पहुंचे लोगों से भी कलेक्टर ने चर्चा की। एसएनसीयू वार्ड के निरीक्षण के दौरान भर्ती बच्चों के परिजनों से उपचार व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। वहीं पुरुष वार्ड में गुराड़िया निवासी रामलाल और सेमली निवासी बलराम से चर्चा कर अस्पताल में मिल रही उपचार सुविधाओं और भोजन की गुणवत्ता के बारे में पूछा।

ब्लड बैंक में उपलब्ध रक्त की जानकारी ली

कलेक्टर ने क्रीटीकल केयर ब्लॉक (ट्रॉमा सेंटर) में ओपीडी पंजीयन केंद्र, सीटी स्कैन और ब्लड बैंक का निरीक्षण किया। उन्होंने ब्लड बैंक में पंजी का अवलोकन कर उपलब्ध रक्त की जानकारी ली तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय में पदस्थ चिकित्सकों की बैठक लेकर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने राहवीर योजना एवं पीएम राहत योजना के तहत अस्पताल आने वाले मरीजों का निर्धारित प्रपत्र में तत्काल पंजीयन करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और साफ-सफाई व्यवस्था पर संतोष भी जताया।

बिना उचित कारण मरीजों को रेफर नहीं करने के निर्देश

कलेक्टर ने कहा कि यथासंभव जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को यहीं पर्याप्त उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाए। गंभीर आवश्यकता होने पर ही मरीज को उच्च संस्थान के लिए रेफर किया जाए। उन्होंने आगर में आयुष्मान योजना के तहत इम्पैनल्ड अस्पतालों की संख्या और उनकी निर्धारित क्षमता के संबंध में भी जानकारी ली।

बैठक में चिकित्सकों ने मुख्य मार्ग से जिला चिकित्सालय तक बंद स्ट्रीट लाइटों को चालू करवाने, जिला चिकित्सालय की वर्तमान 200 बेड क्षमता बढ़ाने तथा अतिरिक्त स्टाफ आवास निर्माण की आवश्यकता बताई। इस पर कलेक्टर ने नगर पालिका के माध्यम से स्ट्रीट लाइट तत्काल दुरुस्त करवाने के निर्देश दिए। वहीं स्टाफ आवास निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर भेजने तथा अस्पताल की बेड क्षमता बढ़ाने के लिए शासन स्तर पर प्रयास करने की बात कही।

बैठक में एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश देहलवार, सिविल सर्जन डॉ. मनीष कुरील सहित जिला चिकित्सालय के अन्य शासकीय चिकित्सक मौजूद रहे।

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