सुबह की ठिठुरन, दोपहर की गुनगुनी धूप… खेतों में रबी की फसलों को संवारने में जुटे किसान

 

 

गेहूं की बोवनी के बाद शुरू हुआ पहली सिंचाई का दौर, बिजली कंपनी दे रही 10 घंटे बिजली

 

आगर-मालवा। दीपावली के बाद मौसम ने धीरे-धीरे करवट लेना शुरू कर दिया है। सुबह खेतों की मेड़ों पर ठंडी हवाओं का अहसास होने लगा है तो दोपहर में गुनगुनी धूप लोगों को राहत दे रही है। मौसम के इस बदलते मिजाज के बीच गांवों में रबी सीजन की खेती की रौनक भी दिखाई देने लगी है। कहीं किसान खेतों में ट्रैक्टर से बोवनी के बाद जमीन को तैयार करते नजर आ रहे हैं तो कहीं मोटर पंप चलाकर फसलों को पानी दे रहे हैं। खेतों में बहता पानी और मिट्टी की सोंधी खुशबू रबी सीजन के आगाज का अहसास करा रही है।

 

इन दिनों गेहूं की बोवनी कर चुके किसानों ने पहली सिंचाई का काम शुरू कर दिया है। किसान सुबह से ही खेतों पर पहुंचकर फसलों की देखभाल में जुट रहे हैं। कोई पानी की नालियां बना रहा है तो कोई खेत के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पानी पहुंचाने में लगा है। किसानों के लिए यह समय फसल की शुरुआती बढ़वार के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

 

इस बार पानी की उपलब्धता को देखते हुए फसलों के रकबे में बदलाव की संभावना है। गेहूं का रकबा कुछ कम होने और अन्य फसलों का रकबा बढ़ने के आसार हैं। कई किसान सिंचाई के साधनों और पानी की उपलब्धता के अनुसार गेहूं के साथ लहसुन की खेती को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।

 

इधर, खेतों में सिंचाई का काम प्रभावित न हो, इसके लिए विद्युत वितरण कंपनी ने भी कृषि कार्यों के लिए अलग-अलग समय का शेड्यूल निर्धारित किया है। इसके तहत किसानों को दिन और रात में मिलाकर कुल 10 घंटे बिजली दी जा रही है। किसान निर्धारित समय में बिजली मिलने पर सिंचाई का काम पूरा करने में जुटे हैं।

 

मौसम में जैसे-जैसे ठंडक बढ़ेगी, वैसे-वैसे खेतों में बोई गई रबी फसलों की हरियाली भी निखरने लगेगी। फिलहाल खेतों में किसान की मेहनत और सिंचाई के पानी के साथ नई फसल की उम्मीदें आकार लेने लगी हैं। आने वाले दिनों में यही खेत गेहूं की हरी चादर और लहसुन की कतारों से गुलजार नजर आएंगे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Agar Live