आगर-मालवा। अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री एवं होम डिलीवरी के विरोध में बुधवार को जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन आगर-मालवा के आह्वान पर जिलेभर के मेडिकल स्टोर संचालकों ने एक दिवसीय सांकेतिक बंद रखा। आल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट संगठन के आह्वान पर प्रदेशभर में मेडिकल दुकानें बंद रहीं। आगर जिले में भी
मेडिकल स्टोर्स पूरे दिन बंद रहे। सरकारी अस्पतालो में निशुल्क दवाई वितरण केंद्र खुले रहे। जहां उपचार के बाद मरीजों को दवाई दी गई। लेकिन बाहर मेडिकल स्टोर्स बंद होने से लोग परेशान होते दिखे। मेडिकल स्टोर्स बंद होने से कई लोग निराश होकर वापस लौटे,
एसोसिएशन पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर कमल मंडलोई को सौंपा गया।
जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल शर्मा एवं सचिव योगेश पांडे ने बताया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श और ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की बिक्री जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। साथ ही अत्यधिक छूट और प्रिडेटरी प्राइसिंग के कारण छोटे केमिस्टों एवं दवा व्यापारियों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 एवं नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री का स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के बावजूद विभिन्न कंपनियां लंबे समय से अवैध तरीकों से दवाओं की ऑनलाइन बिक्री कर रही हैं। ये सुविधा कोविड काल में सरकार ने चालू की थी। उसके बाद उसे अब तक बंद नहीं की गई। अब इस सुविधा से अवैध नकली दवाई आम लोगों तक जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। आम लोगों तक नकली दवाई पहुंचाने का काम ऑनलाइन के माध्यम से किया जा रहा था। संगठन ने कहा कि इस विषय में पूर्व में भी कई बार ज्ञापन के माध्यम से सरकार को अवगत कराया गया। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
संगठन ने केंद्र सरकार से मांग की हे कि अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर कड़ी कार्रवाई की जाए, बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन दवा वितरण पर रोक लगे तथा GSR 817(E) एवं GSR 220(E) को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
बाइक रैली निकालकर जताया विरोध
जिला केमिस्ट एसोसिएशन द्वारा पुराने अस्पताल चौराहे से शहर में बाइक रैली निकाली गई, जिसमें जिलेभर के मेडिकल संचालक शामिल हुए। रैली कंपनी गार्डन पहुंची, जहां बैठक आयोजित की गई। इसके बाद सभी सदस्य पैदल मार्च करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।
एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन केवल ऑनलाइन और कॉरपोरेट आधारित अवैध दवा बिक्री के विरोध में है। यदि सरकार द्वारा उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगे बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
व्यापारी संघ ने भी दिया समर्थन
जिला व्यापारी संघ ने भी बंद को समर्थन दिया। संघ के जिला अध्यक्ष देवीलाल सोनी ने कहा कि ऑनलाइन व्यापार के कारण छोटे एवं मध्यम व्यापारी परेशान हैं और कई लोग व्यापार बंद करने की स्थिति में पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को ऑनलाइन खरीदारी के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना आवश्यक है।
वहीं आशुतोष देसाई ने कहा कि एकजुटता के बिना ऑनलाइन अवैध बिक्री पर रोक संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी कंपनियां बिना फार्मासिस्ट के दवाओं का व्यापार कर रही हैं, जो गैरकानूनी है। साथ ही ऑनलाइन कारोबार के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के व्यापारियों और होलसेल दवा विक्रेताओं पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।
इस दौरान जिले के आगर, कानड़, बड़ौद, सुसनेर, सोयत, नलखेड़ा, तनोड़िया, पीपलौन एवं डोंगरगांव सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मेडिकल संचालक शामिल हुए। कार्यक्रम में सुरेंद्र कुमार राठौर, योगेश पांडे सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। ज्ञापन का वाचन जिला सचिव योगेश पांडे ने किया। आभार जिला अध्यक्ष अनिल शर्मा ने माना।इस दौरान संगठन के जिला उपाध्यक्ष,आशुतोष देसाई,ओमप्रकाश गुप्ता,मनोजकुमार जैन ,कोषाध्यक्ष – सुरेन्द्रकुमार राठौर,संगठनमंत्री –गौतमचंद जैन ,सह संगठनमंत्री श्रवण गोयल,महासचिव रामकुमार गुप्ता,पीआरओ प्रकाश फुलेरा, जिला मीडिया प्रभारी दारा सिंह आर्य आदि मौजूद थे
