किसानों के लिए बड़ी राहत! सरकार को भेजी गई 138 करोड़ की फाइनल रिपोर्ट, 1.99 लाख किसान होंगे लाभांवित

 

आगर मालवा: आगर मालवा जिले के किसानों के लिए राहत की बड़ी खबर है। प्रशासन ने पीला मोजेक वायरस और अतिवृष्टि से नष्ट हुई सोयाबीन फसलों का अंतिम सर्वे पूरा कर शासन को रिपोर्ट भेज दी है। इस रिपोर्ट में कुल 1,98,967 किसानों को मुआवजा देने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसके लिए 138 करोड़ 6 लाख रुपये की राशि सरकार से मांगी गई है।

 

 

यह सर्वे जिला कलेक्टर प्रीति यादव के निर्देश पर राजस्व और कृषि विभाग की टीमों द्वारा पूरा किया गया। अधिकारियों के अनुसार प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही, और जिन किसानों की फसलें 25 प्रतिशत से अधिक नष्ट हुई हैं, उन्हें राहत का लाभ मिलेगा।

 

दोनों अनुविभागों का सर्वे विवरण

 

सुसनेर अनुविभाग:

सुसनेर क्षेत्र पीला मोजेक वायरस और लगातार हुई अतिवृष्टि से सबसे अधिक प्रभावित रहा। यहाँ के तीन तहसीलों — नलखेड़ा, सुसनेर और सोयत — में कुल 94,398 किसान प्रभावित पाए गए।

नलखेड़ा तहसील: 43,982 किसान — 31 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रस्तावित मुआवजा

सुसनेर तहसील: 28,890 किसान — 20 करोड़ 40 लाख रुपये का प्रस्तावित मुआवजा

सोयत तहसील: 21,526 किसान — 14 करोड़ 84 लाख रुपये का प्रस्तावित मुआवजा

कुल सुसनेर अनुविभाग: 94,398 किसान — 66 करोड़ 74 लाख रुपये

 

आगर अनुविभाग:

आगर क्षेत्र में भी अतिवृष्टि और पीला मोजेक से फसलें प्रभावित हुईं। यहाँ 1,04,569 किसान राहत के दायरे में आए।

आगर तहसील: 48,247 किसान — 31 करोड़ 92 लाख रुपये

बड़ौद तहसील: 56,322 किसान — 39 करोड़ 40 लाख रुपये

कुल आगर अनुविभाग: 1,04,569 किसान — 71 करोड़ 32 लाख रुपये

जिले का कुल आंकड़ा

कुल प्रभावित किसान: 1,98,967

कुल प्रस्तावित राशि: 138 करोड़ 6 लाख रुपये

रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। अनुमोदन के बाद यह राशि सीधे किसानों के खातों में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाएगी। सर्वे गांव-गांव जाकर किया गया और हर विवरण जियो टैगिंग और मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज किया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही।

 

किसानों में उम्मीद की लहर और प्रशासनिक–राजनीतिक योगदान

  • किसानों में राहत और उम्मीद की लहर दौड़ गई है। इस प्रक्रिया में आगर कलेक्टर प्रीति यादव, विधायक मधु गहलोत और भाजपा जिलाध्यक्ष ओम मालवीय की मेहनत भी रंग लाई।
  • विधायक मधु गहलोत ने भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने किसानों की फसल बर्बाद होने पर अपनी मांग रखी।
  • भाजपा जिलाध्यक्ष ओम मालवीय ने किसानों की बर्बाद फसलों की जानकारी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व तक पहुँचाई।
  • इसके साथ ही कलेक्टर प्रीति यादव ने खुद भोपाल जाकर वरिष्ठ अधिकारियों को किसानों की नष्ट हुई फसलों की जानकारी दी।

 

 

किसानों को राहत पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता । कलेक्टर प्रीति यादव

कलेक्टर प्रीति यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में शासन की मंशा के अनुरूप सभी कार्य किए जा रहे हैं। अतिवृष्टि और पीला मोजेक वायरस से प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभावित फसलों का सर्वे पूर्ण कर रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। जैसे ही शासन से स्वीकृति प्राप्त होगी, मुआवजा सीधे किसानों के खातों में DBT के माध्यम से जमा किया जाएगा। हमारी कोशिश है कि किसानों को दीपावली से पहले राहत मिल सके।”

 

 

भारतीय किसान संघ और  कांग्रेस नेताओं की भी अहम भूमिका

राहत प्रक्रिया में भारतीय किसान संघ और कांग्रेसी नेताओं की भूमिका भी अहम रही। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष रामनारायण तेजरा और किसान नेता डूंगर सिंह ने लगातार किसानों की समस्याओं को प्रशासन और शासन तक पहुँचाया।

किसान नेताओं की पहल और मांग पर प्रशासन ने दोबारा फाइनल सर्वे करवाया, जिससे हजारों वास्तविक रूप से प्रभावित किसानों को राहत सूची में शामिल किया जा सका , इसके साथ कांग्रेस से सुसनेर विधायक भैरो सिंह परिहार बापू और जिलाध्यक्ष विजयलक्ष्मी तंवर सहित अन्य कांग्रेसी नेताओं ने भी स्थानीय भाजपा नेताओं ओर प्रशासन पर दबाव बनाया जिसकी वजह से सरकार पर दबाव बना ओर उन्हें इसका फायदा मिला ।

 

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