गर्भवती महिलाओं के पंजीयन में लापरवाही पर बीएमओ पर विभागीय जां
ब्यूरो – रिपोर्ट
आगर मालवा/उज्जैन। अनमोल पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं के एएनसी (एंटी नेटल केयर) पंजीयन समय पर नहीं होने और कार्य में लापरवाही सामने आने पर संभागायुक्त आशीष सिंह ने उज्जैन, आगर मालवा और रतलाम जिले के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसरों के विरुद्ध विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही तीनों जिलों के जिला कार्यक्रम प्रबंधकों (डीपीएम) का एक-एक माह का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं।
संभागायुक्त बुधवार को उज्जैन में स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक ले रहे थे। बैठक में गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, स्वास्थ्य परीक्षण, प्रसव, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी, बच्चों के पोषण और कुपोषण से निपटने के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।
रतलाम के तीन ब्लॉकों की स्थिति अधिक खराब
समीक्षा के दौरान सामने आया कि उज्जैन, आगर मालवा और रतलाम जिलों में गर्भवती महिलाओं के पंजीयन का कार्य अपेक्षित गति से नहीं हो रहा है। रतलाम जिले के बाजना, बिलपांक और सैलाना विकासखंड की स्थिति विशेष रूप से खराब पाई गई। इस पर संभागायुक्त ने रियल टाइम मॉनिटरिंग करने और पंजीयन कार्य में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक विकासखंड चिकित्सा अधिकारी से प्रमाण-पत्र लिया जाए कि उनके कार्यक्षेत्र में कोई भी गर्भवती महिला पंजीयन से शेष नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बीएमओ के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है, लेकिन सुधार नहीं होने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी पर जोर
बैठक में हाई रिस्क श्रेणी की गर्भवती महिलाओं की जांच और सुरक्षित प्रसव के प्रतिशत की भी समीक्षा की गई। संभागायुक्त ने इसे राज्य के औसत स्तर तक लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को प्रसव की संभावित तारीख से कम से कम तीन दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रसव के दौरान किसी प्रकार की आपात स्थिति से निपटा जा सके।
पोर्टल पर गलत डाटा फीडिंग पर सख्ती
अनमोल पोर्टल पर प्रसव से संबंधित प्रकरणों को समय पर अपडेट नहीं करने पर भी संभागायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर दर्ज किया जाने वाला प्रत्येक डाटा शुद्ध और वास्तविक होना चाहिए। डाटा में किसी भी प्रकार की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गलत डाटा एंट्री पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में डी-ग्रेडिंग पाए जाने पर सिविल सर्जन आगर मालवा को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। वहीं रतलाम और आगर मालवा में हाइपरटेंशन एवं डायबिटीज मरीजों का फॉलोअप कम पाए जाने पर नियमित फॉलोअप कराने के निर्देश दिए गए।
99.76 प्रतिशत कुपोषित बच्चों का वजन दर्ज
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में बताया गया कि संभाग में 99.76 प्रतिशत कुपोषित बच्चों का वजन कराया जा चुका है। आंगनवाड़ी केंद्रों में तीन से छह वर्ष तक के सभी बच्चों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। देवास जिले में इस दिशा में बेहतर कार्य होने की जानकारी दी गई।
बैठक में बताया गया कि लाड़ली लक्ष्मी योजना में 88.15 प्रतिशत लक्ष्य और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 97.85 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा चुका है। वय वंदना योजना के तहत सभी पात्र वरिष्ठ नागरिकों के शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनवाने तथा स्क्रीनिंग के बाद टीबी मरीजों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
रतलाम और आगर मालवा जिले में नियमित रूप से पोषण किट का वितरण कराने के साथ ही एसएएम और एमएएम श्रेणी के बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए आवश्यकता अनुसार उन्हें एनआरसी में भर्ती कराने के निर्देश दिए गए। संभागायुक्त ने कहा कि एनआरसी के सभी बेड उपयोग में रहें और कम वजन वाले बच्चों को निर्धारित स्वास्थ्य सुधार के बिना डिस्चार्ज नहीं किया जाए।
बैठक में उपायुक्त राजेन्द्र वर्मा, स्वास्थ्य विभाग के संभागीय अधिकारी डॉ. दीपक पिप्पल, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी राजेश मेहरा, राजीव बरसेना सहित संभाग के सभी जिलों के अधिकारी उपस्थित रहे।
