मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जनसुरक्षा, पशुपालन प्रोत्साहन एवं विकास कार्यों की समीक्षा
कार्बाइड गन के उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण, पराली जलाने की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई एवं मौसमी बीमारियों की रोकथाम के निर्देश
कलेक्टर डॉ.मीना, पुलिस अधीक्षक श्री सोनी वी सी में हुए शामिल
ब्यूरो रिपोर्ट – दारा सिंह आर्य
आगर मालवा ।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई।
इसमें कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना, पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बीएस सोलंकी, एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव,
संयुक्त कलेक्टर मिलिंद ढोके विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में शासकीय योजनाओं की प्रगति, कानून व्यवस्था, जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण तथा आगामी आयोजनों की तैयारियों पर चर्चा की गई।
कार्बाइड गन पर नियंत्रण, पराली जलाने की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई एवं मौसमी बीमारियों की रोकथाम पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटाखों में उपयोग से होने वाली कार्बाइड गन के नियमन के संबंध में सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन गनों में उपयोग होने वाली एसिटिलीन गैस से गंभीर विस्फोट होने की आशंका रहती है, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इनके उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पराली जलाने की घटनाओं पर भी गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसी घटनाओं की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करने तथा प्रत्येक प्रकरण में समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए कहा। मौसम में परिवर्तन के कारण होने वाली बीमारियों की रोकथाम के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की गई। संबंधित विभागों को आवश्यक स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने, बीमारियों से बचाव के उपायों तथा जन-जागरूकता गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। त्योहारों एवं मेलों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की गई। खाद्य सामग्री में मिलावटखोरी रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने तथा वर्षा के बाद निर्माण कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने पर भी जोर दिया गया।
गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों को मिलेगा प्रोत्साहन
बैठक में गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के माध्यम से दुग्ध उत्पादन एवं गोपालन को प्रोत्साहित करने पर चर्चा की गई। योजना का उद्देश्य वर्तमान दुग्ध उत्पादन वृद्धि दर को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करना तथा प्रदेश में दुग्ध संकलन को 10 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन करना है। इसके साथ ही भारतीय उन्नत नस्ल की गायों के पालन को बढ़ावा देने और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की पूर्ति में सहयोग पर जोर दिया गया। योजना के अंतर्गत प्रत्येक वृंदावन ग्राम में श्रेष्ठ दुग्ध उत्पादक गायों का पालन करने वाले पशुपालकों को पुरस्कृत किया जाएगा। इसमें प्रथम पुरस्कार के रूप में 1 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य पशुपालकों को उन्नत नस्ल की गायों के पालन और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है। बैठक में आगामी 31 अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती, 1 नवंबर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस तथा गोवर्धन पूजा के कार्यक्रमों के आयोजन की तैयारियों पर भी चर्चा की गई।
