बड़ोद । नगर में श्रीकृष्ण मन्दिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर कथा व्यास संत 1008 श्री अभिराम दास महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए पूतना वध तथा मामा कंस के अत्याचारों का प्रसंग सुनाया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
महाराज ने कहा कि आज के समय में बच्चों के जन्मदिन केवल दिखावे और आडंबर का माध्यम बनते जा रहे हैं। जन्मदिन के अवसर पर हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या धार्मिक अनुष्ठान कर बच्चों को अच्छे संस्कार देने का प्रयास करना चाहिए। इससे बच्चों में धार्मिक, नैतिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों का विकास होता है।
कथा के दौरान उन्होंने बताया कि किस प्रकार अत्याचारी कंस ने भगवान श्रीकृष्ण को मारने के लिए राक्षसी पूतना को भेजा था, लेकिन भगवान ने उसका उद्धार कर धर्म की विजय का संदेश दिया। महाराज ने कहा कि भगवान की लीलाएं हमें सिखाती हैं कि सत्य और धर्म की हमेशा विजय होती है।
कथा स्थल पर भजन-कीर्तन एवं भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया। कथा में पधारे जिला अध्यक्ष ओम मालवीय,मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह परिहार, चन्द्र शर्मा, उपाध्यक्ष विपिन चौहान, नारायण जायसवाल, सहित पूरे टीम द्वारा महाराज का स्वागत किया . महाराजश्री ने 84 गाँव से जुड़े मन्दीर की अव्यवस्था को लेकर पुरी टीम को व्यवस्था सुधारने के लिए निवेदन कियाl
