दारा सिंह आर्य
आगर-मालवा। सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद प्रदेशभर में अवैध शराब की बिक्री को लेकर आबकारी विभाग की कार्रवाई तेज हुई है। इसी बीच आगर-मालवा जिले में भी ग्रामीण क्षेत्रों में शराब पहुंचने और कथित रूप से डायरी के माध्यम से बिक्री किए जाने की शिकायतों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जिले में वर्तमान में 37 कंपोजिट मदिरा दुकानें लाइसेंस के तहत संचालित हैं। इसके बावजूद कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में शराब पहुंचने और घरों तक बिक्री किए जाने की शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि इन शिकायतों की वास्तविक स्थिति विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बेचे जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
300 बल्क लीटर अवैध शराब पकड़ी।
जिला आबकारी अधिकारी जीएस राठौर ने बताया कि अवैध शराब बिक्री के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक करीब 300 बल्क लीटर अवैध शराब पकड़ी गई है। पान की गुमटियों सहित अन्य स्थानों पर अवैध रूप से शराब रखने और बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी । निर्धारित कीमत से अधिक दर पर शराब बेचने को लेकर तीन प्रकरण बनाए हैं। उन्होंने बताया कि शराब ठेकों की भी जांच की जाएगी।
दुकानों के स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड की जांच जरूरी
लाइसेंसी दुकानों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की उपलब्धता और डायरी के माध्यम से बिक्री की शिकायतों के बीच दुकानों के स्टॉक, बिक्री रिकॉर्ड और निर्धारित दर की नियमित जांच महत्वपूर्ण है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि शराब की बिक्री निर्धारित व्यवस्था के अनुसार हो रही है या नहीं।
आम लोगों ने कहा कि शराब दुकानों के बाहर निर्धारित दरों की सूची और आबकारी विभाग का शिकायत नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाना चाहिए। इससे उपभोक्ताओं को कीमत की जानकारी मिल सकेगी और अधिक राशि वसूली या अन्य अनियमितता की स्थिति में शिकायत करना आसान होगा।
