आठ जिंदगियां निगलने के बाद जागा प्रशासन, सोमवार से बढ़ेंगे सुरक्षा इंतजाम
- 25 सुरक्षा गार्ड, पर्याप्त लाइटिंग और 200 नए बैरिकेड्स की व्यवस्था; 25 सफाईकर्मी भी तैनात होंगे, नाले की होगी सफाई
नलखेड़ा। मां बगलामुखी मंदिर के समीप पुलिया पर हुए दर्दनाक हादसे में आठ लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने का निर्णय लिया है। सोमवार से क्षेत्र में 25 सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे। इसके साथ ही पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी और व्यवस्था समिति की ओर से 200 नए बैरिकेड्स लगाए जाएंगे। मंदिर क्षेत्र में 25 नए सफाईकर्मियों की तैनाती के साथ पुलिया के समीप नाले की सफाई भी कराई जाएगी।
हादसे में कार तेज बहाव वाले नाले में बह गई थी, जिससे कार सवार आठ लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज में कार रात के अंधेरे में पुलिया की ओर जाती और कुछ ही सेकंड में नाले के तेज बहाव में बहती दिखाई दे रही है।
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश
हादसे के बाद प्रशासन ने मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की योजना बनाई है। 25 सुरक्षा गार्ड श्रद्धालुओं की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे। बारिश के दौरान संवेदनशील मार्गों पर आवागमन नियंत्रित करने के लिए 200 नए बैरिकेड्स लगाए जाएंगे।
पुलिया और आसपास के क्षेत्र में पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। वहीं 25 नए सफाईकर्मियों की तैनाती कर मंदिर क्षेत्र और आसपास की सफाई कराई जाएगी। पुलिया के समीप नाले की सफाई भी कराई जाएगी, ताकि जल निकासी व्यवस्था बेहतर रहे।
रात 8 बजे बाद हवन पर रोक
प्रशासन ने मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के समय को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं। तहसीलदार प्रियंक श्रीवास्तव के हस्ताक्षर से जारी आदेश में संबंधित पंडितगण, यज्ञशाला संचालक और श्रद्धालुओं से निर्धारित समय-सीमा का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के अनुसार रात 8 बजे के बाद हवन अथवा अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अब उठ रहे सवाल
हादसे के बाद प्रशासन द्वारा किए जा रहे नए इंतजामों के बीच घटनास्थल की पूर्व सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल भी सामने आए हैं।
- – हादसे के समय पुलिया पर पर्याप्त लाइटिंग क्यों नहीं थी?
- – बारिश और तेज बहाव के बावजूद बैरिकेड्स और चेतावनी संकेत की स्थिति क्या थी?
- – क्या संवेदनशील पुलिया पर जलस्तर और यातायात की निगरानी की व्यवस्था थी?
- – यदि पहले बैरिकेड्स लगाए गए थे तो हादसे के समय वे वहां क्यों नहीं थे?
- – क्या हादसे से पहले सुरक्षा इंतजामों को लेकर कोई पूर्व चेतावनी या निर्देश जारी किए गए थे?
- – क्या जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या चूक सामने आती है?
- – यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होगी?
- – क्या हादसे के बाद लगाए जा रहे बैरिकेड्स, लाइटिंग और सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था स्थायी रूप से जारी रहेगी?
- – क्या प्रशासन हादसे की जांच के बाद जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करेगा?
जांच के बाद स्पष्ट होगी तस्वीर
फिलहाल हादसे की परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। तेज बारिश और नाले के बहाव के साथ-साथ घटनास्थल की प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेड्स, चेतावनी संकेत और जल निकासी व्यवस्था की स्थिति भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है।
आठ लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की घोषणा की है। अब निगाह इस बात पर है कि इन व्यवस्थाओं को कितनी प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है और जांच में यदि किसी स्तर पर चूक सामने आती है तो उसकी जवाबदेही किसकी तय होती है।
