आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभा रहीं समूह महिलाएं मिट्टी और गोबर से तैयार कर रहीं गणेश प्रतिमाएं, 

दारा सिंह आर्य

आगर-मालवा। गणेश उत्सव को लेकर शहर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी समूह महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मिट्टी और गोबर से गणेश प्रतिमाएं तैयार की हैं। इन प्रतिमाओं के विक्रय के लिए पुरानी नगर पालिका के सामने मुख्य बाजार में स्टॉल भी लगाया गया है।

आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार की गई मिट्टी और गोबर की गणेश प्रतिमाएं पर्यावरण अनुकूल हैं। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल के तहत आजीविका मिशन द्वारा समूह महिलाओं को मूर्ति निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने में सहयोग किया जा रहा है। स्टॉल पर आगर के पास के गांव आवर गांव की महिलाओं द्वारा तैयार मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं तथा लाडवन गांव की महिलाओं द्वारा निर्मित गोबर की गणेश प्रतिमाएं बनाकर लाने से बाजार में लोग खरीदने भी आ रहे।

 

पिछले वर्ष भी मिला था अच्छा प्रतिसाद

 

पिछले वर्ष गोबर से निर्मित गणेश प्रतिमाओं को नागरिकों का अच्छा प्रतिसाद मिला था। इससे उत्साहित समूह महिलाएं इस वर्ष भी नए उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिमाएं लेकर बाजार पहुंची हैं। इस समय नगर पालिका क्षेत्र में लगे स्टॉल पर भग्गू बाई, राधाबाई और रंभा बाई प्रतिमाओं का विक्रय कर रही हैं।

महिलाओं को ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान और माटी कला बोर्ड के माध्यम से मूर्ति निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं ने अपने हुनर को रोजगार और आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाया है। इससे एक ओर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण महिलाओं को अपनी कला के माध्यम से आय का साधन भी मिल रहा है।

आजीविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक संजय सक्सेना ने बताया कि इस तरह के अन्य निर्माण समूह के माध्यम से करवाए जाते हे। जिनसे ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिभा भी निकलकर आती हे। आज रोज गार के अवसर भी बड़े हे।

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