केंद्रीय मंत्री गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ.यादव की बैठक के बाद क्षेत्रवासियों की उम्मीदें बढ़ीं, लगातार टलती टेंडर प्रक्रिया के बीच अब जल्द काम शुरू होने का इंतजार

उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन को लेकर फिर जगी बड़ी उम्मीद

आगर-मालवा। लंबे समय से उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन का इंतजार कर रहे मालवा क्षेत्र के लोगों के लिए एक बार फिर उम्मीद की किरण जगी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की NHAI अधिकारियों के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को लेकर क्षेत्रवासियों की आस और बढ़ गई है।

 

बैठक में मध्यप्रदेश में NHAI से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इनमें उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन भी प्रमुख रूप से शामिल रहा। बैठक में लंबित विषयों के निराकरण और राजमार्ग परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। साथ ही सिंहस्थ-2028 से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ समयबद्ध पूरा करने की बात कही गई।

 

लगातार आगे बढ़ती रही टेंडर की तारीख

उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन परियोजना को लेकर क्षेत्र के लोगों में लंबे समय से उत्सुकता बनी हुई है। परियोजना की टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी इसकी तारीखों में लगातार बदलाव होता रहा है। ताजा NHAI ई-टेंडर रिकॉर्ड के अनुसार अब बोली जमा करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है, जबकि तकनीकी बोली 7 अक्टूबर 2026 को खोली जाएगी।

 

लगातार आगे बढ़ती तारीखों के कारण क्षेत्रवासियों में यह सवाल भी बना हुआ था कि आखिर फोरलेन का काम धरातल पर कब शुरू होगा। अब केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री की बैठक में परियोजना की समीक्षा होने के बाद लोगों को उम्मीद है कि टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठेंगे।

उज्जैन से झालावाड़ तक बदलेगी कनेक्टिविटी

उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र को राजस्थान से बेहतर सड़क कनेक्टिविटी देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके निर्माण से उज्जैन, आगर-मालवा और झालावाड़ के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है।

 

फोरलेन बनने से धार्मिक पर्यटन, व्यापार, कृषि उपज के परिवहन और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बेहतर सड़क सुविधा मिलने की संभावना है। उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 को देखते हुए भी इस मार्ग का महत्व और बढ़ जाता है।

आगर-मालवा के लिए क्यों खास है परियोजना?

उज्जैन और झालावाड़ के बीच स्थित आगर-मालवा जिला इस परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लंबे समय से क्षेत्र के लोग बेहतर सड़क कनेक्टिविटी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। वर्तमान मार्ग पर यातायात का दबाव, दुर्घटनाओं की आशंका और यात्रा में लगने वाला समय फोरलेन परियोजना को और महत्वपूर्ण बनाता है।

ऐसे में गडकरी और मुख्यमंत्री की बैठक के बाद लोगों की नजर अब टेंडर प्रक्रिया के अगले चरण पर है। 6 अक्टूबर की नई टेंडर तारीख क्या इस बार परियोजना को निर्माण की दिशा में आगे ले जाएगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

बैठक के बाद उम्मीदों को मिली नई वजह

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और मध्यप्रदेश सरकार के स्तर पर सिंहस्थ-2028 से जुड़े सड़क कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। ऐसे में उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन को लेकर लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे लोगों को उम्मीद है कि अब परियोजना की गति बढ़ेगी और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य की दिशा में तेजी से कदम उठाए जाएंगे।

 

लंबे इंतजार के बाद अब लोगों की निगाहें 6 अक्टूबर पर टिकी हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण एजेंसी का चयन और आगे की औपचारिकताएं पूरी होने के साथ ही यह स्पष्ट होगा कि बहुप्रतीक्षित उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन कब वास्तव में धरातल पर आकार लेना शुरू करता है।

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